DelhiNews: एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने पर्यावरण कार्यकर्ता विक्रांत तोंगड़ की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में दावा किया गया है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई इलाकों में निजी बिल्डर, औद्योगिक इकाइयां और अन्य लोग नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध तरीके से भूजल का दोहन कर रहे हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कथित अवैध भूजल दोहन के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश भूजल विभाग को शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अधिकरण ने कहा है कि यदि जांच में अवैध रूप से संचालित ट्यूबवेल या बोरवेल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक और सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।



















