LucknowNews: राम मंदिर चढ़ावा मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। पुलिस ने कहा है कि जांच अभी जारी है, इसलिए विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। वहीं इस पूरे मामले पर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। चंपत के पास पूरे मंदिर की जिम्मेदारी थी। राय के बाद ट्रस्टी अनिल और गोपाल राव की मंदिर व्यवस्था में बड़ी भूमिका थी। गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज कराई गई थी। इसमें चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं। इसके बाद देर रात रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आज सभी 8 आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया गया। वहीं, पुलिस ने आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कार्रवाई के बाद पुलिस की ओर से विस्तृत प्रेस नोट या आधिकारिक बयान जारी नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आमतौर पर किसी बड़ी गिरफ्तारी के बाद पुलिस विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले, आरोपियों की भूमिका और बरामदगी की जानकारी साझा करती है। हालांकि इस मामले में गिरफ्तारी के बावजूद न तो कोई विस्तृत प्रेस नोट जारी किया गया और न ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को विस्तार से जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है, इसलिए विवेचना पूरी होने के बाद आवश्यक तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।



















