MalviyaNagarFire : राजधानी में जब भी कोई बड़ा हादसा होता है, जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं। हालांकि जांच और कार्रवाई का दायरा अक्सर निजी संचालकों तक ही सीमित रह जाता है, जबकि निगरानी और नियामक व्यवस्था की भूमिका पर उठने वाले सवालों के बावजूद संबंधित तंत्र प्रायः जवाबदेही से बचता नजर आता है। मालवीय नगर अग्निकांड में 22 लोगों की जान जाने के बाद होटल संचालक और रसोइये के खिलाफ कार्रवाई की गई, लेकिन उन सरकारी विभागों की जवाबदेही पर अब भी सवाल बने हुए हैं, जिन पर लाइसेंस जारी करने, भवन मानकों का पालन सुनिश्चित कराने, फायर एनओसी की निगरानी करने और नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी थी। हादसे के बावजूद संबंधित विभाग फिलहाल कार्रवाई के दायरे से बाहर दिखाई दे रहे हैं। सवाल यह है कि जब अवैध निर्माण, क्षमता से अधिक कमरे और सुरक्षा संबंधी कमियां वर्षों से मौजूद थीं, तो संबंधित विभाग क्या कर रहे थे। उपहार, अनाज मंडी, मुंडका, विवेक विहार, सैदुलाजाब और अब मालवीय नगर… राजधानी में हर बड़े हादसे के बाद यही सवाल उठता है, लेकिन जवाबदेही अक्सर निजी संचालकों तक सिमट कर रह जाती है और निगरानी तंत्र फिर बेदाग बच निकलता है। पुलिस ने मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज और एक रसोइए को गिरफ्तार किया है। दिल्ली सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दे दिए हैं। इसके बावजूद घटना के पांच दिन बाद भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि लाइसेंस देने, संचालन की निगरानी करने और सुरक्षा मानकों की जांच करने वाले विभागों में किस स्तर पर चूक हुई। सरकार की हालिया निरीक्षण रिपोर्टों ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया है। सात जून को जारी राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न जिलों में 130 से अधिक होटल, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक परिसरों की जांच की गई, जिसमें कई स्थानों पर फायर एनओसी, भवन स्वीकृति, सार्वजनिक लाइसेंस और सुरक्षा उपकरणों से जुड़ी बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। जांच के बाद कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए, कुछ को सील किया गया, जबकि अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

रोज सामने आ रहीं खामियां, फिर भी जिम्मेदारों पर कार्रवाई का इंतजार

रिपोर्ट के अनुसार नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, मध्य और पश्चिमी जिलों में होटलों और गेस्ट हाउसों में फायर एनओसी की नहीं मिली है। कई मामलों में अधिकारियों ने पाया कि लाइसेंस में स्वीकृत कमरों की संख्या से अधिक कमरे संचालित करने के अलावा यहां कई खामियां हैं। यहीं खामियां प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही हैं। पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यावसायिक आवासीय प्रतिष्ठान के संचालन में कई एजेंसियां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी होती हैं। इनमें स्थानीय निकाय, अग्निशमन विभाग, पुलिस, राजस्व प्रशासन और अन्य लाइसेंसिंग एजेंसियां शामिल हो सकती हैं। ऐसे में केवल होटल संचालक की भूमिका की जांच पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। जांच का विषय है कि जिन विभागों की जिम्मेदारी निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की थी, उन्होंने अपना काम ठीक से किया था या नहीं।

 

 

Share.
Leave A Reply

© 2026 Nation27

Exit mobile version