Trending Topics:
छात्रों का कहना है कि वे सुबह 9 बजे की परीक्षा के लिए समय पर परीक्षा केंद्र पहुंच गए थे। लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा और बाद में जब वे परीक्षा कक्ष में पहुंचे तो भी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। अभ्यर्थियों के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने से पहले उन्हें लगभग एक से दो घंटे तक कमरों में इंतजार कराया गया, जहां कई कक्षों में पंखे तक ठीक से काम नहीं कर रहे थे।

नोएडा के सेक्टर-62 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र पर शनिवार को आयोजित CUET परीक्षा छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए परेशानी का कारण बन गई। सुबह से परीक्षा देने पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन तकनीकी समस्या के चलते परीक्षा शुरू नहीं हो सकी। काफी देर बाद परीक्षा रद्द किए जाने की घोषणा की गई, जिसके बाद छात्रों का गुस्सा भड़क उठा। नाराज अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के बाहर प्रदर्शन किया और NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि वे सुबह 9 बजे की परीक्षा के लिए समय पर केंद्र पहुंच गए थे। इसके बाद उन्हें लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा और जब आखिरकार वे परीक्षा कक्ष में पहुंचे, तो वहां भी कई तरह की अव्यवस्थाएं सामने आईं। अभ्यर्थियों के अनुसार, उन्हें परीक्षा शुरू होने के इंतजार में एक से दो घंटे तक कमरों में बैठाया गया, लेकिन इस दौरान कई कक्षों में पंखे तक ठीक से काम नहीं कर रहे थे। भीषण गर्मी में छात्र लगातार परीक्षा शुरू होने की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन अंत में परीक्षा को रद्द करने का फैसला ले लिया गया।प्रदर्शन में शामिल अनुज ने बताया कि उनके भाई की परीक्षा सुबह 9 बजे निर्धारित थी। उन्होंने सुबह 6:30 बजे अपने भाई को परीक्षा केंद्र छोड़ा और दस बजे उन्हें लेने पहुंचे। लेकिन उस समय तक कोई छात्र बाहर नहीं आया था।अनुज के मुताबिक, अंदर से लगातार घोषणा होती रही कि तकनीकी समस्याओं के कारण परीक्षा शुरू नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि एक छात्र ने बाहर आकर बताया कि दो घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद परीक्षा शुरू नहीं हुई और छात्रों को बाहर निकलने की अनुमति भी नहीं दी जा रही थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे इस परीक्षा की तैयारी कई महीनों से कर रहे थे। 12वीं के बाद देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाली इस परीक्षा के रद्द होने से उनके भविष्य को लेकर चिंता और बढ़ गई है। छात्रों और अभिभावकों ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। परीक्षा केंद्र के बाहर देर तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहा, जहां छात्र और अभिभावक व्यवस्था पर सवाल उठाते नजर आए। उनका कहना था कि अगर तकनीकी तैयारियां पूरी नहीं थीं, तो परीक्षा से पहले ही इसकी जांच होनी चाहिए थी, ताकि छात्रों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़ता।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version