नई दिल्ली: प्रसिद्ध पर्यावरणविद्, शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। यह अनशन शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का हिस्सा है। वांगचुक के साथ छह छात्रों ने भी उपवास शुरू किया और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा छात्रों के हितों की रक्षा की मांग उठाई। Sonam Wangchuk
यह प्रदर्शन 20 जून से जंतर-मंतर पर जारी है, जहां कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता और छात्र लगातार धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई किए बिना छात्रों का भरोसा बहाल नहीं किया जा सकता। Sonam Wangchuk
राजघाट से शुरू हुआ अनशन का सफर                                                                                                                        अनशन शुरू करने से पहले सोनम वांगचुक ने Raj Ghat जाकर Mahatma Gandhi को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके भी मौजूद थे। राजघाट से लौटने के बाद वांगचुक सीधे जंतर-मंतर पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से अपना अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया। Sonam Wangchuk
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह अहिंसक है और इसका उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाना तथा शिक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना है।
छात्रों के भविष्य को लेकर जताई चिंता                                                                                                                          अनशन शुरू करने के दौरान सोनम वांगचुक ने कहा कि देश के लाखों छात्र कठिन मेहनत और वर्षों की तैयारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। यदि परीक्षा प्रणाली पर ही सवाल उठने लगें, तो युवाओं का भरोसा कमजोर होता है और उनके भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है। Sonam Wangchuk
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि देश के भविष्य की नींव है। इसलिए परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की अपील की। Sonam Wangchuk
पानी और शौचालय की सुविधा को लेकर विवाद                                                                                                             अनशन शुरू होने के कुछ समय बाद आंदोलन से जुड़ा एक नया विवाद भी सामने आया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि सोनम वांगचुक के अनशन की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं बंद कर दीं। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को इस तरह की आवश्यक सुविधाओं से वंचित करना उचित नहीं है। Sonam Wangchuk
हालांकि, Delhi Police ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि यह दावा पूरी तरह भ्रामक और तथ्यों से परे है। पुलिस के अनुसार जंतर-मंतर पर पानी और स्वच्छता जैसी सुविधाओं की व्यवस्था करना दिल्ली पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है और उसका इन सेवाओं के संचालन या रखरखाव से कोई संबंध नहीं है। Sonam Wangchuk
सरकार से जवाबदेही की मांग                                                                                                                                  प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े कथित मामलों ने छात्रों का विश्वास कमजोर किया है। उनका आरोप है कि बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं के बावजूद अब तक पर्याप्त जवाबदेही तय नहीं की गई है। इसी कारण वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका विरोध किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। Sonam Wangchuk
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और सोनम वांगचुक ने संकेत दिया है कि जब तक छात्रों की मांगों पर सार्थक पहल नहीं होती, उनका अनशन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किसी संभावित बातचीत या समाधान की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर सभी की नजर रहेगी। Sonam Wangchuk
Share.
Leave A Reply

© 2026 Nation27

Exit mobile version