नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा राजनीतिक हमला बोला। दिल्ली जल बोर्ड की परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अगले 30 साल तक राहुल गांधी की बारी आने वाली नहीं है। शाह ने तंज करते हुए कहा कि उन्हें पता है कि राहुल गांधी उनकी बात नहीं सुन पा रहे होंगे, क्योंकि वे इस वक्त कहीं विदेश में बैठे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे वहां क्यों हैं, यह उनका निजी मामला है। इसके बाद चुनौती भरे लहजे में बोले कि राहुल गांधी एक बार दिल्ली लौट आएं, तब भी यह बात याद रखें कि अगले तीन दशक तक उनका नंबर नहीं लगने वाला। इसी कार्यक्रम में गृह मंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 8,941 करोड़ रुपये बताई गई है।
विपक्ष को नसीहत देते हुए शाह ने कहा कि केवल धरना-प्रदर्शन से कोई समाधान नहीं निकलता। जिन क्षेत्रों की जनता ने चुनकर भेजा है, नेताओं को वहीं के लोगों के लिए काम करना चाहिए। पंजाब का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां की जनता ने मन बना लिया है और इस बार राज्य में NDA की सरकार बनेगी। भाजपा की कार्यशैली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बूथ स्तर के कार्यकर्ता से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक, पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ता जनता के बीच रहते हैं। वे लोगों के दुख-दर्द को करीब से समझते हैं और उनकी समस्याएं दूर करने के लिए मेहनत करते हैं। यमुना की सफाई के मुद्दे पर शाह ने विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया। उनका आरोप था कि विपक्ष की सरकार करीब 30 साल रही, फिर भी यमुना के लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ। उन्होंने भरोसा जताया कि यमुनोत्री से लेकर संगम तक पूरी यमुना को स्वच्छ करने का सौभाग्य प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा को मिलेगा।
राहुल गांधी के “वोट चोरी” वाले आरोपों पर शाह ने कहा कि वे ऐसा इसलिए करते हैं, क्योंकि उन्हें घुसपैठियों को बचाना है। चुनावी नतीजों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस पश्चिम बंगाल में 54 साल से, अरुणाचल प्रदेश में 12 साल से और दिल्ली में 18 साल से चुनाव नहीं जीत पाई है। आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि पहले AAP और कांग्रेस हर मौके पर बहाने बनाया करते थे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के हर सवाल का जवाब उनके पास है, लेकिन वे जवाब तब देंगे, जब पंजाब में AAP की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब में चुनावी माहौल गरमाने के साथ ही भाजपा, कांग्रेस और AAP के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है। शाह का यह बयान उसी सियासी खींचतान की अगली कड़ी माना जा रहा है।























