नई दिल्ली: केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक पर आरोप लगाया कि वे देश में अराजकता का माहौल बनाकर सत्ता तक पहुंचना चाहते हैं। उनके अनुसार युवाओं को भड़काने की कोशिश हो रही है और सत्ता परिवर्तन की बातें खुलेआम की जा रही हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि बनावटी नाराजगी दिखाकर, संस्थाओं की छवि बिगाड़कर और अवसरवादी राजनीति के सहारे भारत की विकास यात्रा को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि वे अड़ंगा डालने की राजनीति छोड़ें, जनता के फैसले का सम्मान करें और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्म-चिंतन करें।
रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरा बनाने के प्रयास हो रहे हैं। उनके मुताबिक कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं की तर्ज पर सत्ता बदलना चाहते हैं। कुछ नेता तो यह तक मान चुके हैं कि उन्हें पड़ोसी देश के हालात से प्रेरणा मिली है, जबकि कुछ बेझिझक सरकार गिराने की मांग कर रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे विपक्ष की मंशा साफ हो जाती है। उनका दावा था कि यह लड़ाई न चुनाव सुधार की है, न एसआईआर या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ी है, और न ही युवाओं के भविष्य की चिंता से उपजी है। उनके शब्दों में यह देश में अशांति फैलाकर सत्ता हथियाने की साजिश है। कांग्रेस के इतिहास की ओर इशारा करते हुए उन्होंने 1975 के आपातकाल को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि तब इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को एक तरह से कैद कर लिया था। आज राहुल गांधी संविधान को जेब में रखकर घूमते हैं और अराजकता फैलाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इतिहास के पन्ने पलटें तो कई काले अध्याय मिलेंगे।
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि जो कांग्रेस आज चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, उसने अपने शासनकाल में इन्हीं संस्थाओं को कठपुतली की तरह इस्तेमाल किया। उदाहरण के तौर पर उन्होंने 1993 का जिक्र किया, जब कांग्रेस सरकार ने चुनाव आयोग में अचानक बदलाव किए और रातों-रात दो नए चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिए। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी का भी नाम लिया। उनके अनुसार गोपालस्वामी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर चुनाव आयुक्त नवीन चावला को हटाने की सिफारिश की थी। आरोप था कि चावला ने आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं को दी थी। रक्षा मंत्री ने इन आरोपों को बेहद गंभीर बताया। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस राज्य की सत्ता से 37 वर्षों से बाहर है। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि क्या समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना वे रायबरेली में अपनी सीट जीतने की क्षमता रखते हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी पहले एक 70 वर्षीय महिला को “डबल वोटर” और एक 35 वर्षीय महिला को 124 साल की मतदाता बता चुके हैं। कई बार उन्होंने आम नागरिकों को “फर्जी वोटर” कहकर बदनाम करने की भी कोशिश की। राजनाथ सिंह के मुताबिक कांग्रेस ने मतदाता सूची को लेकर कभी कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई, क्योंकि उसके पास इन दावों का कोई प्रमाण नहीं था। अंत में उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी संवैधानिक संस्थाओं या चुनाव प्रणाली पर सवाल नहीं उठाए और न ही उन्हें बदनाम कर जनता को गुमराह किया। उनके अनुसार देश की जनता, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना भाजपा का स्वभाव रहा है।
























