Ayodhya: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस में गिरफ्तार करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा को अदालत से मिली अनुमति के बाद 40 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। बुधवार सुबह पुलिस टीम तीनों आरोपियों को जेल से अपनी कस्टडी में लेकर बाहर निकली, जिसके बाद उनसे अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ शुरू कर दी गई। Ayodhya
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह रिमांड पूरे मामले में बेहद अहम साबित हो सकती है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान चोरी की रकम, उसके इस्तेमाल, पैसों से खरीदी गई संपत्तियों और इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों के बारे में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। अधिकारियों के मुताबिक पहले से जुटाए गए सबूत और आरोपियों के पुराने बयानों में कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर बड़ी बरामदगी की संभावना जताई जा रही है। Ayodhya
40 घंटे तक चलेगी गहन पूछताछ, हर बयान का होगा मिलान
पुलिस रिमांड बुधवार सुबह से शुरू हुई, जो गुरुवार रात 10 बजे तक जारी रहेगी। इस दौरान जांच अधिकारी तीनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ करने के साथ-साथ उन्हें आमने-सामने बैठाकर भी सवाल पूछेंगे, ताकि उनके बयानों में किसी तरह का विरोधाभास सामने आए तो उसकी तुरंत जांच की जा सके। सूत्रों के अनुसार पुलिस की कोशिश यह जानने की है कि चढ़ावे की चोरी की पूरी योजना कैसे बनाई गई, इसमें किसकी क्या भूमिका थी, चोरी के बाद रकम किसके पास गई और उसे किन-किन जगहों पर खर्च किया गया। पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, बैंक लेन-देन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर भी सवाल पूछ रही है। Ayodhya
पहले मिले सुरागों ने बढ़ाई पुलिस की उम्मीद
जांच अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में मिले कुछ इनपुट काफी महत्वपूर्ण साबित हुए हैं। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस अब चोरी के पैसों से खरीदी गई संपत्तियों और अन्य सामान की तलाश में जुटी है।पुलिस का मानना है कि अगर आरोपियों से सही जानकारी मिल जाती है तो चोरी की रकम का बड़ा हिस्सा बरामद किया जा सकता है। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं रकम को अलग-अलग लोगों के जरिए छिपाने या निवेश करने की कोशिश तो नहीं की गई। Ayodhya
पहले भी हो चुकी है बड़ी बरामदगी
इस मामले में इससे पहले आरोपी अविनाश को भी पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी के पैसों से खरीदी गई एक कार बरामद की थी। इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों का शक और मजबूत हुआ कि चोरी की रकम का इस्तेमाल निजी संपत्ति और महंगी चीजें खरीदने में किया गया। अब पुलिस को उम्मीद है कि करुणेश, लवकुश और अनुकल्प से पूछताछ के दौरान भी इसी तरह के कई और सुराग मिल सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो नकदी, आभूषण, जमीन, वाहन या अन्य संपत्तियों की बरामदगी भी संभव है। Ayodhya
रिश्तेदारों और करीबी लोगों पर भी जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस अब सिर्फ आरोपियों तक सीमित नहीं है। जांच का दायरा उनके रिश्तेदारों, परिचितों और उन लोगों तक भी बढ़ाया गया है, जिनके जरिए चोरी की रकम को ठिकाने लगाने की आशंका है।मंगलवार देर रात पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा के चाचा रामेंद्र मिश्रा को हिरासत में लेकर कई घंटे तक पूछताछ की। इसके अलावा इनायतनगर बाजार के एक ज्वेलर से भी विस्तृत पूछताछ की गई। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं चोरी की रकम से सोना-चांदी या अन्य कीमती सामान तो नहीं खरीदा गया। सूत्रों का कहना है कि पुलिस को कुछ ऐसे वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली है, जिनकी जांच की जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी नए व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। Ayodhya
सादे कपड़ों में पहुंची पुलिस, निर्माण सामग्री बेचने वालों से भी पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस टीम सादे कपड़ों में टाटा सूमो से इलाके में पहुंची, ताकि बिना किसी हलचल के स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई जा सके।पुलिस ने निर्माण सामग्री बेचने वाले कई दुकानदारों से भी पूछताछ की। जांच एजेंसियों को शक है कि इन्हीं दुकानदारों से वह सामान खरीदा गया था, जिसका इस्तेमाल अनुकल्प मिश्रा के बहनोई लवकुश मिश्रा के मकान के निर्माण में हुआ। पुलिस यह जानना चाहती है कि मकान के निर्माण में खर्च हुआ पैसा कहां से आया, भुगतान किसने किया और क्या उसका संबंध राम मंदिर के चढ़ावे से चोरी हुई रकम से है। इसके लिए खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज और भुगतान के तरीकों की भी जांच की जा रही है। Ayodhya
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बैंक खाते, मोबाइल और प्रॉपर्टी की भी हो रही जांच
जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल डेटा और संपत्तियों की भी गहन जांच कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी के बाद अचानक किसी खाते में बड़ी रकम तो नहीं आई या फिर किसी महंगी खरीदारी का भुगतान किया गया।इसके अलावा आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले चैट, कॉल रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री का भी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि चोरी के बाद उनकी गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। Ayodhya
पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं हो सकता। इसलिए पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में कोई और व्यक्ति या नेटवर्क भी शामिल था। यदि पूछताछ के दौरान नए नाम सामने आते हैं तो पुलिस उनसे भी पूछताछ कर सकती है। जरूरत पड़ने पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। Ayodhya
रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश होंगे आरोपी
40 घंटे की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद पुलिस अपनी जांच में सामने आए नए तथ्यों और बरामदगी की जानकारी कोर्ट के सामने रखेगी। फिलहाल पूरे मामले पर प्रदेशभर की नजर बनी हुई है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस रिमांड के दौरान कई ऐसे राज सामने आएंगे, जिनसे राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि चोरी की रकम कहां-कहां खर्च की गई और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका रही। Ayodhya
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