हरियाणा के युवा मुक्केबाज अंकुश पंघल ने शुक्रवार को वह कर दिखाया, जिसका भारतीय बॉक्सिंग प्रेमियों को सालों से इंतज़ार था। ऐची-नागोया एशियाई खेलों के पुरुषों के 80 किग्रा फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया के किम मिन-सेओंग को 4-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अपने पहले ही एशियाई खेलों में सोने का तमगा जीतकर उन्होंने पूरे देश को गर्व का मौका दिया है।
मुक़ाबले की शुरुआत से ही अंकुश आक्रामक अंदाज में दिखे। पहले राउंड में सधे हुए पंच और शरीर पर लगाए गए हुक के दम पर उन्होंने 4-1 की बढ़त बनाई। इसी राउंड में कोरियाई खिलाड़ी को चेतावनी मिलने के कारण एक अंक की कटौती भी झेलनी पड़ी। दूसरे राउंड में अंकुश और निखरे। तेज़ 1-2 कॉम्बिनेशन और सटीक काउंटर पंचों के सहारे उन्होंने पांचों जजों का भरोसा जीता और राउंड 5-0 से अपने नाम किया। तीसरे राउंड में किम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन अंकुश ने बचाव और हमले का अच्छा संतुलन बनाए रखा और यह राउंड 4-1 से जीतकर मुक़ाबला अपने नाम कर लिया। चार जजों ने 30-26 और एक ने 28-28 का स्कोर दिया।
इस जीत के साथ अंकुश 2018 में अमित पंघल के बाद एशियाई खेलों में बॉक्सिंग का स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए। यह जीत भारत के लिए दोहरी ख़ुशी लेकर आई, क्योंकि इसी के साथ बॉक्सिंग में भारत की स्वर्णिम हैट्रिक पूरी हुई। उनसे पहले लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा भी फाइनल जीतकर सोना ला चुकी थीं। तीन स्वर्ण के साथ भारतीय मुक्केबाजों ने तीन कांस्य पदक भी अपने नाम किए। अंकुश का यह सफ़र शुरू से ही दमदार रहा। उन्होंने पहले मुक़ाबले में बहरीन के हमज़ा वोगेल को 5-0 से हराया। क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के नेकरुज़ सलीमोव पर भी उन्होंने इसी अंतर से जीत दर्ज की और भारत के लिए पहला बॉक्सिंग पदक पक्का किया।
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यह साल अंकुश के करियर का सबसे यादगार साल साबित हुआ है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को 4-1 के विभाजित फ़ैसले से हराकर स्वर्ण जीता था। लौटने पर उन्होंने साफ कहा था कि अब उनकी नज़र एशियाई खेलों के गोल्ड पर है। अब उन्होंने वह वादा भी निभा दिया। अंकुश की इस कामयाबी ने साबित कर दिया है कि भारतीय बॉक्सिंग सही दिशा में बढ़ रही है। नई पीढ़ी के मुक्केबाजों में जोश भी है और हुनर भी। अंकुश का यह गोल्डन पंच आने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा बनेगा।
रिपोर्ट- सोनू सिंह
























