भारतीय क्रिकेट टीम के प्रस्तावित बांग्लादेश दौरे पर एक बार फिर बादल मंडराने लगे हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष तमीम इकबाल ने हाल ही में ऐसे संकेत दिए हैं, जिनसे यह आशंका मजबूत हुई है कि भारतीय टीम का यह दौरा एक बार फिर टाला जा सकता है। हालांकि तमीम ने साफ किया है कि इस सीरीज को लेकर BCB और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच बातचीत अभी भी जारी है और अंतिम फैसला होना बाकी है।
पहले भी टल चुका दौरा
गौरतलब है कि भारतीय टीम को तय कार्यक्रम के अनुसार पिछले साल अगस्त में ही बांग्लादेश जाना था, लेकिन उस समय भी यह दौरा सितंबर 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद बीसीबी ने जनवरी में जानकारी दी थी कि भारतीय टीम बांग्लादेश के दो प्रमुख शहरों ढाका और चट्टोग्राम में तीन वनडे और तीन टी20 मुकाबले खेलेगी। बावजूद इसके, अब तक बीसीसीआई की ओर से इस दौरे को लेकर कोई औपचारिक और आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है, जिसके चलते प्रशंसकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
टूर्नामेंट का कार्यक्रम
सीरीज का पहला वनडे मुकाबला तीन सितंबर से शुरू होना है, लेकिन मैच शुरू होने में महज दो सप्ताह का समय शेष रहने के बावजूद यह साफ नहीं हो पाया है कि यह सीरीज वाकई खेली जाएगी या नहीं। इसी बीच ढाका में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में तमीम इकबाल ने “द गेम डेवलपमेंट ट्रॉफी” की घोषणा की थी। बोर्ड ने इस टूर्नामेंट का पूरा कार्यक्रम भी जारी कर दिया, जिसके तहत सभी मुकाबले शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में 28 अगस्त से नौ सितंबर के बीच खेले जाने हैं।
तमीम का बयान
जब पत्रकारों ने तमीम इकबाल से यह सवाल पूछा कि क्या इस घरेलू टूर्नामेंट की घोषणा का मतलब यह है कि भारतीय टीम बांग्लादेश नहीं आएगी, तो उन्होंने इस पर सीधा जवाब देने के बजाय यह कहा कि कार्यक्रम में कुछ बदलाव संभव है। उन्होंने बताया कि दोनों बोर्ड इस सीरीज को लेकर लगातार चर्चा कर रहे हैं और तारीखों में फेरबदल हो सकता है। तमीम ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आयु-वर्ग टूर्नामेंट मूल रूप से मीरपुर में होना तय था, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे बेहद कम समय में बासुंधरा ग्राउंड में शिफ्ट किया जा सकता है।
रिश्तों में खटास
भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंधों में खटास उस समय आई थी, जब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर करने का फैसला किया था। इस घटनाक्रम के बाद तत्कालीन BCCI अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम की अगुआई में बोर्ड ने T-20 विश्व कप के लिए अपनी टीम भेजने से इनकार कर दिया था। जिसकी सह-मेजबानी उस समय भारत कर रहा था।

