तिरुवनंतपुरम। भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शुमार विराट कोहली ने एक बार फिर क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया है। रविवार, 27 सितंबर को ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए भारत-वेस्टइंडीज सीरीज के पहले वनडे में कोहली ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 15,000 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वे इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।
कोहली ने यह उपलब्धि सिर्फ 303 पारियों में हासिल की, जबकि इसी मील के पत्थर तक पहुंचने के लिए सचिन तेंदुलकर को 377 पारियां खेलनी पड़ी थीं। यानी कोहली अपने आदर्श और पूर्व साथी खिलाड़ी से 74 पारी पहले ही इस शिखर पर पहुंच गए। रन का पीछा करते हुए भारतीय पारी के दौरान कोहली ने वेस्टइंडीज के गेंदबाज अल्जारी जोसेफ की गेंद पर मिडविकेट की तरफ शानदार पुल शॉट खेलकर चौका जमाया और 15,000 रन पूरे किए। इस ऐतिहासिक पल के बाद उन्होंने दोनों हाथ उठाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया, तो पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा।
खास बात यह रही कि कोहली यहीं नहीं रुके। बीसीसीआई के अनुसार, उन्होंने इसी पारी में 74 गेंदों में छक्का लगाकर अपना शतक भी पूरा किया। एक ही पारी में विश्व रिकॉर्ड और शतक का यह संगम प्रशंसकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं था। अगर वनडे क्रिकेट के सर्वाधिक रनों की बात करें, तो सचिन तेंदुलकर 18,426 रनों के साथ आज भी शीर्ष पर हैं, जबकि कोहली अब 15,000 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। सचिन के बाद 15,000 रन का आंकड़ा पार करने वाले वे इकलौते बल्लेबाज हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोहली अक्टूबर 2025 में श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगकारा को पीछे छोड़कर दूसरे नंबर पर पहुंचे थे।
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गौरतलब है कि रिकॉर्ड बनाना कोहली के लिए कोई नई बात नहीं है। वे पहले भी 10,000, 12,000 और 14,000 रन तक सबसे तेजी से पहुंचने का कीर्तिमान बना चुके हैं। यानी हर हजार रन के पड़ाव पर उनकी रफ्तार बेजोड़ रही है।क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह लम्हा भावुक करने वाला भी है, क्योंकि खबरों के अनुसार कोहली पहले ही साफ कर चुके हैं कि 2027 का वनडे विश्व कप उनका आखिरी विश्व कप होगा। ऐसे में उनके हर रिकॉर्ड और हर पारी का महत्व और बढ़ जाता है।
























