यह एक बड़ा भ्रम है कि नीलामी में बड़ी रक़म मिलने से टीम में बड़ी भूमिका भी पक्की हो जाती है। लेकिन हक़ीक़त में फ़्रेंचाइज़ी क्रिकेट बेहद बेरहम हो सकता है। टीमें करोड़ों रुपये सिर्फ़ तत्काल प्रयाेग, प्रभाव या परिणाम के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की योजनाओं के लिए भी ख़र्च करती हैं। नतीजा यह कि कई स्थापित और महंगे क्रिकेटर पूरा IPL 2026 सीज़न डगआउट में बैठकर देखते रह गए। उनमें से एक तो कभी भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी उम्मीद हुआ करता था। तनख़्वाह मिलती रहे पर काम न मिले, यह किसी के लिए भी तकलीफ़देह होता है। लेकिन एक एथलीट के लिए यह दोगुना कठिन है। उसका करियर गिनती के कुछ सीज़न का होता है। हर बैठा हुआ मैच वापस नहीं आता।


























