Delhi-NCR: शनिवार की सुबह राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों के लोगों की आंख खुली तो बाहर सफेद धुंध की परत बिछी थी। सर्दी की औपचारिक शुरुआत भले ही अभी बाकी हो, पर मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हल्की धुंध यानी शैलो फॉग के कारण दिल्ली-एनसीआर में दृश्यता में तेज गिरावट दर्ज की गई। राजधानी के प्रमुख मौसम केंद्रों पर विजिबिलिटी 1,000 मीटर से नीचे चली गई।
दो प्रमुख केंद्रों पर क्या रहा हाल
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 31 अक्टूबर 2026 को सुबह 6:30 बजे के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा असर सफदरजंग में दिखा। यहां दृश्यता घटकर सिर्फ 500 मीटर रह गई। एक दिन पहले इसी समय यह 4,000 मीटर थी, यानी महज 24 घंटे में दृश्यता में भारी कमी आई है। अधिकारियों के अनुसार सफदरजंग में रात 2:30 बजे से हालात लगभग एक जैसे बने हुए हैं। पालम हवाई अड्डे के आसपास भी तस्वीर कुछ अलग नहीं रही। वहां दृश्यता गिरकर 800 मीटर पर आ गई, जबकि कल इसी वक्त यह 4,000 मीटर दर्ज हुई थी। पालम में सुबह 5 बजे से विजिबिलिटी इसी स्तर पर टिकी हुई है।
आईएमडी के पैमाने पर कौन सी श्रेणी
मौसम विभाग के मानकों में 500 से 999 मीटर के बीच की दृश्यता को ‘हल्का कोहरा या धुंध’ माना जाता है। फिलहाल सफदरजंग और पालम, दोनों इसी श्रेणी में आते हैं। यानी स्थिति असुविधाजनक जरूर है, लेकिन इसे घने या बहुत घने कोहरे की श्रेणी में नहीं रखा गया है।
उड़ानों पर कितना पड़ेगा असर
आमतौर पर हल्की धुंध का विमान सेवाओं पर व्यापक प्रभाव नहीं पड़ता। इसलिए उड़ानों के बड़े पैमाने पर प्रभावित होने की आशंका कम है। हालांकि सर्दियों की शुरुआत के साथ सुबह के समय सफर करने वालों के लिए सतर्क रहना समझदारी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि घर से निकलने से पहले अपनी उड़ान की ताजा स्थिति देख लें और सड़क यातायात की जानकारी भी जांच लें। एयरपोर्ट जाने वाले लोग थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर चलें तो आखिरी वक्त की भागदौड़ से बच सकते हैं।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है मुश्किल
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए संकेत यही हैं कि आने वाले दिनों में धुंध और बढ़ेगी। अक्टूबर के आखिर और नवंबर की शुरुआत में तापमान गिरने के साथ सुबह-शाम की ठंडक बढ़ती है, और यही समय है जब दिल्ली-एनसीआर में दृश्यता की समस्या सिर उठाने लगती है। ऐसे में सुबह जल्दी दफ्तर, स्कूल या स्टेशन-एयरपोर्ट के लिए निकलने वालों को अभी से तैयारी रखनी चाहिए।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सावधानियां
कम दृश्यता में सबसे ज्यादा जोखिम सड़क पर चलने वालों को होता है। वाहन चलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना फायदेमंद रहेगा:गाड़ी की रफ्तार सामान्य से कम रखें और आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। लो-बीम हेडलाइट या फॉग लैंप का इस्तेमाल करें। हाई-बीम रोशनी धुंध में उलटा असर करती है। बार-बार ओवरटेक करने से बचें और लेन अनुशासन का पालन करें। विंडशील्ड और शीशे साफ रखें, ताकि सामने का नजारा धुंधला न दिखे।
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धुंध के दिनों में सुबह टहलने निकलने वाले बुजुर्गों, बच्चों और सांस की तकलीफ वाले लोगों को थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। बेहतर होगा कि धूप निकलने के बाद ही बाहर निकलें और जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें। सड़क किनारे चलते समय चमकीले या हल्के रंग के कपड़े पहनना भी सुरक्षित रहता है। कुल मिलाकर, शनिवार की यह धुंध सर्दी के आगमन की पहली बड़ी आहट है। अभी हालात काबू में हैं, लेकिन मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखना और सफर से पहले पूरी जानकारी लेना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा।

























