नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों के बीच हिंदू कॉलेज की दो छात्राओं से जुड़ा एक मामला पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि छात्राओं के साथ सड़क पर छेड़छाड़ की घटना के बाद उन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए एक थाने से दूसरे थाने के चक्कर लगाने पड़े। जब उन्हें तत्काल मदद नहीं मिली तो दोनों छात्राओं ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपनी पूरी आपबीती साझा की। बताया जा रहा है कि मामला मौरिस नगर से लेकर मॉडल टाउन इलाके तक पहुंचा। छात्राओं का आरोप है कि घटना के बाद वे शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास पहुंचीं, लेकिन उन्हें तुरंत राहत या एफआईआर दर्ज कराने में मदद नहीं मिली। काफी देर तक इधर-उधर भटकने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया और वीडियो के जरिए लोगों को अपनी परेशानी बताई।
जानकारी के मुताबिक, हिंदू कॉलेज की दोनों छात्राओं के साथ कथित तौर पर सरेराह छेड़छाड़ की गई। घटना के बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्राओं का कहना है कि शिकायत लेकर वे मौरिस नगर थाने पहुंचीं, लेकिन मामला दर्ज कराने में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्हें दूसरे थाने जाने के लिए कहा गया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि वे अपनी शिकायत लेकर अलग-अलग जगहों पर जाती रहीं, लेकिन उन्हें तत्काल सुनवाई नहीं मिली। एक तरफ छात्राएं घटना से परेशान थीं, वहीं दूसरी तरफ शिकायत दर्ज कराने के लिए उन्हें थानों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी परेशानी का वीडियो रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।
पुलिस से मदद मिलने में देरी का आरोप लगाते हुए छात्राओं ने वीडियो में अपनी आपबीती बताई। उन्होंने बताया कि घटना के बाद किस तरह शिकायत दर्ज कराने के लिए उन्हें अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ा। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया। लोगों ने छात्राओं की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। मामला बढ़ने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई।
छात्राओं की ओर से वीडियो जारी किए जाने और मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। इसके बाद मुखर्जी नगर थाने में मामला दर्ज किया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली में महिला सुरक्षा और शिकायतों पर पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया को लेकर बहस छेड़ दी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर किसी महिला या छात्रा के साथ कोई घटना होती है तो उसे शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग-अलग थानों के चक्कर क्यों लगाने पड़ें?
दिल्ली पुलिस की ओर से महिलाओं की सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्तर पर पेट्रोलिंग और महिला पुलिसकर्मियों की गश्त की व्यवस्था की जाती है। ‘झांसी पेट्रोलिंग’ और ऑल-विमेन पेट्रोलिंग जैसी पहलों का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना और जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। लेकिन हिंदू कॉलेज की छात्राओं का यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
यह मामला सिर्फ कथित छेड़छाड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात को भी सामने लाता है कि किसी घटना के बाद पीड़ित को पुलिस तक पहुंचने और अपनी शिकायत दर्ज कराने में कितनी आसानी होनी चाहिए। खासकर छात्राओं और महिलाओं के मामले में शुरुआती स्तर पर संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई बेहद अहम मानी जाती है। मामले में पुलिस ने मुखर्जी नगर थाने में केस दर्ज कर लिया है। घटना से जुड़े आरोपों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे की जांच में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
























