शिमला: बरसात का दौर थमने के बाद पहाड़ों का मौसम सुहावना होते ही बड़ी संख्या में पर्यटक शिमला का रुख कर रहे हैं। शनिवार को वीकेंड के चलते राजधानी शिमला में सुबह से ही पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही बढ़ गई। शहर में अचानक बढ़े वाहनों के दबाव के कारण कई प्रमुख सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई और जगह-जगह लंबा जाम देखने को मिला। शिमला पहुंचने वाले पर्यटकों को शहर के अंदर कुछ किलोमीटर का सफर तय करने में भी काफी समय लग गया। सामान्य दिनों में करीब 10 मिनट में पूरा होने वाला सफर कई जगहों पर 40 से 45 मिनट तक खिंच गया। जाम में फंसे पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। लंबे समय तक वाहनों के बीच फंसे रहने के कारण लोग गर्मी और उमस से परेशान नजर आए।
शिमला में शनिवार को यातायात व्यवस्था पर बढ़ते पर्यटकों के दबाव के साथ-साथ सड़क निर्माण कार्य का भी असर दिखाई दिया। शहर के ढली से संजौली मार्ग पर सड़क की टारिंग का काम चल रहा है। निर्माण कार्य के चलते सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य गति से नहीं हो सकी। कई जगह सड़क का हिस्सा काम के कारण प्रभावित रहा, जिससे वाहनों को धीमी गति से निकलना पड़ा। एक ओर वीकेंड के कारण पहले से ही वाहनों की संख्या ज्यादा थी, वहीं दूसरी ओर सड़क पर चल रहे काम ने यातायात की रफ्तार और कम कर दी। कुछ ही देर में वाहनों की कतारें लंबी होती चली गईं।
ढली-संजौली मार्ग पर यातायात प्रभावित होने का असर आसपास के संपर्क मार्गों पर भी पड़ा। मुख्य सड़क पर वाहनों की गति धीमी होने के बाद कई वाहन दूसरे रास्तों की ओर मुड़ने लगे। इससे उन मार्गों पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया। शहर के कई हिस्सों में लोगों को कुछ दूरी तय करने के लिए भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। जाम में फंसे वाहन चालकों को बार-बार रुककर आगे बढ़ना पड़ा। पर्यटक अपने वाहनों में बैठे रहे, जबकि स्थानीय लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए निकलने में भी अतिरिक्त समय लगा।
शिमला में वीकेंड के दौरान पर्यटकों की संख्या आम दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। शनिवार को भी बड़ी संख्या में लोग पहाड़ों का रुख करते दिखाई दिए। बरसात के बाद मौसम साफ होने से पर्यटन गतिविधियों में भी तेजी आई है। बाहर से आने वाले पर्यटकों की बड़ी संख्या अपने निजी वाहनों से शिमला पहुंचती है। इसके चलते शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। शहर की कई सड़कें पहले से ही सीमित चौड़ाई वाली हैं, ऐसे में किसी मार्ग पर निर्माण या टारिंग का काम शुरू होने पर यातायात व्यवस्था पर सीधा असर पड़ता है। वीकेंड पर शिमला घूमने पहुंचे कई पर्यटकों के लिए सड़क पर लगने वाला जाम परेशानी का कारण बन गया। पर्यटक घूमने के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही काफी समय बीत गया।
जाम के कारण कई लोगों का समय सफर में ही निकल गया। जिन रास्तों को सामान्य दिनों में कुछ मिनट में पार किया जा सकता है, वहां शनिवार को वाहन रेंगते हुए नजर आए। सड़क पर लगातार बढ़ती वाहनों की कतार के कारण लोगों को मंजिल तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लगाना पड़ा। जाम का असर सिर्फ पर्यटकों तक सीमित नहीं रहा। स्थानीय लोगों को भी अपने काम और गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा। रोजाना इन रास्तों से गुजरने वाले लोगों के लिए भी शनिवार की यातायात व्यवस्था परेशानी का सबब बनी। शिमला जैसे पहाड़ी शहर में सड़कों पर वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ यातायात संभालना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में वीकेंड के दौरान पर्यटकों की भीड़ और सड़क निर्माण कार्य एक साथ होने से स्थिति और बिगड़ गई। शनिवार को शिमला की सड़कों पर लगे जाम ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि वीकेंड के दौरान बढ़ने वाले पर्यटक दबाव के बीच सड़क निर्माण कार्य यातायात व्यवस्था को किस तरह प्रभावित कर सकता है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को कई जगहों पर सामान्य से काफी ज्यादा समय सफर में बिताना पड़ा।
























