जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। जिले के यूसमर्ग इलाके में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया गया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, मूसा पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े प्रमुख आतंकियों में शामिल था और उस पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षाबलों ने बुधवार को अभियान के दौरान पलमैदान इलाके से हाशिम मूसा का शव बरामद किया। मौके से हथियार और अन्य युद्ध संबंधी सामान भी मिला है। श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए आतंकी के मारे जाने की पुष्टि की।
सुरक्षा एजेंसियों को यूसमर्ग इलाके में आतंकियों की मौजूदगी से जुड़ी पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद मंगलवार देर रात सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से ‘ऑपरेशन कोराग’ शुरू किया। जवानों ने इलाके में घेराबंदी कर बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया। अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को कुछ संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। जवानों ने जब संदिग्धों को रुकने की चुनौती दी तो दूसरी तरफ से फायरिंग शुरू कर दी गई। इसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों ओर से हुई गोलीबारी के दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर लिया। काफी देर तक चले ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी हाशिम मूसा मारा गया। हालांकि, किसी अन्य आतंकी के इलाके में छिपे होने की आशंका को देखते हुए जवानों ने ऑपरेशन तुरंत खत्म नहीं किया। बुधवार सुबह तलाशी के दौरान जवानों को पलमैदान इलाके में मूसा का शव मिला। इसके साथ ही मौके से हथियार और दूसरे सैन्य इस्तेमाल के सामान की बरामदगी भी की गई।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हाशिम मूसा का आतंकी गतिविधियों से पुराना संबंध था। वह कथित तौर पर पाकिस्तान की पैरा कमांडो यूनिट में रह चुका था। बाद में वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ गया और जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने लगा। मूसा सुरक्षा एजेंसियों की वांटेड लिस्ट में शामिल था। पहलगाम हमले के बाद उसकी तलाश और तेज कर दी गई थी। उसके बारे में सुरक्षा एजेंसियों को लगातार इनपुट मिल रहे थे।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हमले में शामिल आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ अभियान तेज किया था। इसी कड़ी में हाशिम मूसा भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। अब बडगाम में हुई इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक अहम सफलता माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में अभी भी पूरी तरह सतर्क हैं और संभावित आतंकियों या उनके सहयोगियों की तलाश में अभियान जारी रखा गया है। सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाकों में भी तलाशी बढ़ा दी है। जंगल और संवेदनशील इलाकों में जवानों की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मूसा के साथ और कितने आतंकी सक्रिय थे और क्या इलाके में उसका कोई स्थानीय नेटवर्क मौजूद था। सेना की ओर से कहा गया है कि ऑपरेशन के दौरान बरामद हथियारों और अन्य सामान की जांच की जा रही है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई और जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।
























