Azamgarh: कप्तानगंज पुलिस और कथित अंतर्जनपदीय चोर गिरोह के बीच आधी रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस के मुताबिक, रोकने पर ऑटो सवार बदमाशों ने टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में दोनों के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने छह चोरी की घटनाओं का खुलासा करने का दावा करते हुए करीब छह लाख रुपये के जेवर, दो तमंचे, कारतूस, 7,500 रुपये नकदी और वारदात में इस्तेमाल ऑटो बरामद किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक उर्फ देवदत्त गौड़ और दिनेश कुमार उर्फ लकी उर्फ बुढ़वा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दोनों ऑटो से घूमकर बंद मकानों की रेकी करते और रात में चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। हाल ही में एकडंगी गांव में हुई चोरी में भी उनकी संलिप्तता सामने आई है। पुलिस बरामद जेवरों का अन्य मामलों से मिलान कर रही है। पुलिस के मुताबिक, दीपक के खिलाफ आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में 13, जबकि दिनेश के खिलाफ 16 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनके खिलाफ चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है।
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पुलिस के अनुसार, 18/19 अक्टूबर की रात प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में टीम जफरामऊ बाग तिराहे के पास चेकिंग कर रही थी। संदिग्ध ऑटो को रोकने का प्रयास किया गया तो चालक ने भागने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि ऑटो रुकने के बाद दोनों आरोपियों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई।पुलिस ने चोरी के मामलों में बीएनएस की धारा 331(5), 305(क) और 317(4) तथा फायरिंग और अवैध असलहों के संबंध में अन्य संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जानकारी दी है। टीम में उपनिरीक्षक प्रिंस मिश्रा, रमेश चन्द्र सिंह, गंगाराम बिन्द, अमन तिवारी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से छह चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। अब बरामदगी के सत्यापन और अन्य वारदातों में आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
इनपुट- रामअवतार उपाध्याय (आजमगढ़)
























