Ghaziabad News: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हुए हालिया हादसों से सबक लेते हुए, जिला प्रशासन ने सभी कमर्शियल इमारतों और कोचिंग संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने साफ चेतावनी दी है कि लोगों की ज़िंदगी को खतरे में डालने वाले बिल्डिंग मालिकों के खिलाफ अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। प्रशासन का यह सख्त रुख उन सभी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, मॉल और शिक्षण संस्थानों पर है, जहां भारी संख्या में लोगों और छात्रों की आवाजाही होती है।
जिलाधिकारी ने पूरे जिले में व्यापक चेकिंग अभियान शुरू करने और उन इमारतों को चिन्हित करने के साथ बिना फायर NOC यानी ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ वाली इमारतों पर कार्रवाई के निर्देश दिए है। फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट को ऐसे सभी डिफॉल्टर्स पर तत्काल कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
इस पूरे मामले पर गंभीरता जताते हुए जिलाधिकारी ने एनसीआर और अन्य क्षेत्रों में लगातार आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए लोगों को जागरूक करने और ड्राइव चलाने के निर्देश दिए है। कमर्शियल बिल्डिंग या इंस्टीट्यूशंस में जहां अधिक लोग आते हैं, वहां फायर सेफ्टी ऑडिट कराने और लोगों को फायर सेफ्टी उपकरण चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट को निर्देशित किया गया है।
नए आदेश अग्निशमन विभाग को आदेश दिया गया है जिसके अनुसार जिन इमारतों के पास फायर की NOC नहीं है, वहां जाकर चेक करें और कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। दिल्ली के मालवीय नगर की घटना से सबक लेते हुए ओनर्स फायर सेफ्टी नॉर्म्स का अनुपालन नहीं करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
नए नियमों के मुताबिक, सभी बड़ी इमारतों में आग बुझाने वाले उपकरणों को चलाने के लिए प्रशिक्षित और टेक्निकल स्टाफ की तैनाती अनिवार्य होगी। साथ ही बिल्डिंग में लगे सभी अग्निशामक यंत्र और सुरक्षा सिस्टम हर समय ऑपरेशन हालत में होने चाहिए। ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में हादसों को रोका जा सके।
रिपोर्ट- अभिषेक पंडित (गााजियाबाद)

