गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (Gorakhpur) से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है जिसने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल तबीयत बिगड़ने पर गोरखपुर AIIMS की प्रमुख डॉक्टर विभा दत्ता को एम्स के डॉक्टरों ने ही प्राइवेट अस्पताल में रेफर कर दिया।
एम्स प्रमुख को रेफर किया प्राइवेट अस्पताल
रिपोर्ट के मुताबिक गोरखुपर AIIMS की प्रमुख डॉक्टर विभा दत्ता की अचानक तबीयत बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें AIIMS (गोरखपुर) की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया.शुरुआती इलाज के बाद भी तबीयत में सुधार नहीं होने के बाद AIIMS के डॉक्टरों ने ही उन्हें निजी अस्पताल रेफर कर दिया.
एम्स की प्रमुख को निजी अस्पताल रेफर किए जाने की वजह वहां सात साल बाद भी कैथ लैब का नहीं बन पाना बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक अगर कैथ लैब की सुविधा होती तो उनका इलाज AIIMS में ही संभव हो सकता था.
कब हुआ था गोरखपुर एम्स का निर्माण
बता दें कि AIIMS गोरखपुर की आधारशिला 22 जुलाई 2016 को पीएम मोदी ने रखी थी। करीब 1011 करोड़ रुपये की लागत से इसका निर्माण किया गया था। इसके निर्माण में पांच साल का वक्त लगा और 7 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शुभारंभ कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। ऐसे में सवाल उठते हैं कि आखिर पांच सालों बाद भी वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था और सुविधा मजबूत क्यों नहीं हो पायी है.




























