कानपुर में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर ईवीएम और वीवीपैट की जांच का काम तेजी से चल रहा है। 17 सितंबर से शुरू हुई फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) के दौरान अब तक 7,688 यूनिट की प्राथमिक जांच पूरी की जा चुकी है। इनमें 143 मशीनें जांच के दौरान खराब मिली हैं, जबकि 7,545 ईवीएम-वीवीपैट यूनिट पूरी तरह दुरुस्त पाई गई हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के तहत मशीनों की तकनीकी क्षमता के साथ-साथ उनकी भौतिक स्थिति भी परखी जा रही है। किसी मशीन में तकनीकी खामी मिलने पर उसे अलग किया जा रहा है और उसकी दोबारा जांच की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए बेंगलुरू से 12 इंजीनियरों की टीम कानपुर पहुंची है।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत कानपुर में ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग 17 सितंबर से शुरू की गई थी। एफएलसी का मकसद चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की कार्यक्षमता को पहले ही जांच लेना है, ताकि मतदान के दौरान किसी तरह की तकनीकी परेशानी सामने न आए। 13 दिनों के भीतर 7,688 यूनिट की जांच पूरी की जा चुकी है। जांच के दौरान 7,545 यूनिट सही पाई गईं, जबकि 143 मशीनों में खराबी सामने आई। खराब मिली मशीनों को अलग कर उनकी तकनीकी जांच की जा रही है।
मशीनों की जांच और तकनीकी प्रक्रिया को सुचारू तरीके से पूरा कराने के लिए बेंगलुरू से 12 इंजीनियरों की टीम कानपुर पहुंची है। टीम मशीनों की तकनीकी स्थिति की जांच करने के साथ ही खराब पाई गई यूनिट की वजह भी देख रही है। एफएलसी के दौरान ईवीएम और वीवीपैट के अलग-अलग हिस्सों की कार्यक्षमता को परखा जाता है। मशीन के संचालन से लेकर उसके तकनीकी सिस्टम तक की जांच की जाती है, ताकि चुनाव से पहले खराब यूनिट को चिन्हित किया जा सके। निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया के तहत ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कराई जा रही है। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना है।जांच के दौरान मशीनों की स्थिति दर्ज की जाती है और जो यूनिट मानकों के अनुरूप नहीं मिलतीं, उन्हें अलग कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को लेकर आगे की तैयारी की जाएगी।
चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल होने से पहले उनकी तकनीकी स्थिति की जांच करना निर्वाचन प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। एफएलसी के जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि मतदान के समय इस्तेमाल होने वाली मशीनें ठीक तरह से काम कर रही हों। कानपुर में अभी जांच का काम जारी है। आने वाले दिनों में बाकी मशीनों की भी प्राथमिक जांच की जाएगी। खराब मिलने वाली यूनिट को अलग करने के बाद उनकी तकनीकी जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे मतदान शुरू होने से पहले मशीनों से जुड़ी संभावित तकनीकी दिक्कतों की पहचान की जा सकेगी।
























