कानपुर: यूपी के कानपुर (Kanpur) में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। एक्सप्रेस रोड की शॉप नंबर 290 में ‘जगदंबा इंटरप्राइजेज’ के नाम से कारोबार करने वाले राजेंद्र सिंह ने कई कंपनियों से उधार माल उठाया और भुगतान में चेक थमाए। चेक बैंक पहुंचे तो बाउंस हो गए, और तब तक आरोपी दुकान पर ताला लगा कर फरार हो चुका था।
रात में लोड हुआ माल, फिर फोन बंद
आरोप यह भी है कि फर्म के संचालक राजेंद्र सिंह और प्रोपराइटर रेखा ने सेल्स मैन और वितरकों का भरोसा जीता और भारी मात्रा में सामान उधार लिया। चेक बाउंस होने पर जब सेल्स मैनों ने फोन लगाया तो जवाब नहीं मिला। दो-तीन दिन दुकान बंद दिखी तो आसपास पूछताछ हुई। पता चला कि शनिवार, 10 अक्टूबर से दुकान बंद है। पड़ोसी दुकानदारों के सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र सिंह उसी रात गाड़ी में माल लोड कर जाता दिखा। व्यापारियों के अनुसार 13 अक्टूबर की रात 11:05 बजे उसका फोन थोड़ी देर चालू हुआ, फिर बंद हो गया। उसके बाद से कोई सुराग नहीं है।
18 फर्मों के चेक बाउंस
इसको लेकर तमाम व्यापारियों ने प्रार्थना पत्र देकर पैसे दिलवाने की गुहार लगाई है। पेमेंट के दर्ज चेकों की रकम 18 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक है। इनमें सबसे बड़ी रकम रागिनी एजेंसीज (1,49,910 रुपये) की है, फिर रेड रोज इंटरनेशनल (1,47,000 रुपये) और इकबाल अहमद एंड संस (1,34,058 रुपये) की। सूची में दर्ज चेक 14.88 लाख रुपये के हैं। कुल घपले की रकम 50 लाख के पार है।
थाने के चक्कर, FIR का इंतजार
पीड़ितों की ओर से अनित जयसवाल ने हरबंश मोहाल के थाना प्रभारी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि पत्र 14 तारीख को दिया गया, पर अब तक एफआईआर नहीं लिखी गई। वहीं इस मामले को लेकर पीड़ित कारोबारी मुकेश आनंद अग्रवाल ने कहा कि ‘सोची-समझी साजिश के तहत हम सबको भरोसे में लेकर पोस्ट डेटेड चेक दिए गए और रातों-रात गोदाम खाली कर दिया गया। पुलिस को जल्द सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।’
रिपोर्ट: राहुल वाजपेयी
























