लखनऊ में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में विभाग की टीम ने दुबग्गा इलाके में छापेमारी कर खाद्य पदार्थों की जांच की। कार्रवाई के दौरान एक भोजनालय से संदिग्ध और मिलावटी खाद्य सामग्री मिलने पर टीम ने उसे मौके पर ही नष्ट करा दिया।

वहीं, दूसरे जनपद से खोया लेकर पहुंची एक गाड़ी को भी टीम ने जांच के दायरे में लिया। FSDA की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति देखने को मिली। विभाग की टीम ने साफ किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और जांच के दौरान मानकों के विपरीत सामग्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यादव भोजनालय में पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम

दुबग्गा क्षेत्र स्थित यादव भोजनालय पर FSDA की टीम ने छापेमारी की। टीम ने भोजनालय में इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य पदार्थों और अन्य सामग्री की जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसी सामग्री सामने आई, जिसे अधिकारियों ने मिलावटी या खाद्य सुरक्षा के मानकों के अनुरूप नहीं पाया। जांच के बाद टीम ने बरामद संदिग्ध सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया। अधिकारियों की इस कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी खाद्य सामग्री को लोगों तक पहुंचने से रोकना था, जिससे उपभोक्ताओं की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

दूसरे जनपद से आई खोया लदी गाड़ी भी पकड़ी

कार्रवाई के दौरान FSDA टीम की नजर दूसरे जनपद से खोया लेकर दुबग्गा पहुंची एक गाड़ी पर भी पड़ी। टीम ने वाहन को रोककर उसमें लदे खोया की जांच की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने खोया की गुणवत्ता और उसकी आपूर्ति से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की। त्योहारी और मांग वाले सीजन में खोया, दूध और उससे बने उत्पादों की खपत काफी बढ़ जाती है। ऐसे में इन उत्पादों में मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए विभाग की ओर से बाहर से आने वाली खाद्य सामग्री की भी निगरानी की जा रही है।

नमूने लेकर जांच की प्रक्रिया भी जारी

FSDA की टीम की ओर से अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों से संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा जाता है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संबंधित खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी गंभीर खामी सामने आती है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग का फोकस सिर्फ छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य पदार्थों की पूरी सप्लाई चेन पर नजर रखने की कोशिश की जा रही है।

मिलावटखोरों पर लगातार कसा जा रहा शिकंजा

राजधानी में खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतों को देखते हुए FSDA की टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। भोजनालयों, दुकानों, डेयरियों और खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों में निरीक्षण किया जा रहा है। खासतौर पर दूध, खोया, मिठाई और अन्य जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रखी जा रही है।

दुबग्गा में हुई कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। टीम की कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने या लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ विभाग सख्त कदम उठाएगा।

उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

खाद्य सुरक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। मिलावटी सामग्री न केवल खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को खराब करती है, बल्कि लंबे समय तक इसके सेवन से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। यही वजह है कि विभाग समय-समय पर बाजार और खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच अभियान चलाता है।

दुबग्गा की कार्रवाई के बाद विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच का अभियान जारी रहेगा। संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने पर उसके नमूने लिए जाएंगे और आवश्यकतानुसार उसे नष्ट भी कराया जाएगा। अधिकारियों की सख्ती के बीच अब खाद्य कारोबारियों में भी मानकों का पालन करने का दबाव बढ़ गया है।

रिपोर्ट: राजेश सोनी/ मानवी

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