मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में हाईटेंशन तार से तीन युवकों की दर्दनाक मौत के बाद भी बिजली विभाग की नींद नहीं टूटी है। शहर के सहादतपुरा मोहल्ले के वार्ड नंबर 32 में 33 हजार वोल्ट का तार लोगों के घरों की छतों से महज कुछ ही दूरी पर लटक रहा है। इस वजह से यहां के लोग हर पल डर के साए में जीने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह तार इतना नीचे है कि छत पर जाते समय भी हर किसी के मन में खौफ बना रहता है। बच्चे छतों पर खेलते हैं, महिलाएं कपड़े सुखाने जाती हैं और बुजुर्ग टहलने निकलते हैं, लेकिन हर किसी के सिर पर खतरा मंडराता रहता है। लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार बिजली विभाग के चक्कर काट चुके हैं, मगर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि विभाग शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।गौरतलब है कि मऊ जिला प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का गृह जनपद है। इसके बावजूद यहां बिजली व्यवस्था की यह हालत सवाल खड़े करती है। हाल ही में मऊ के इस्लामाबाद इलाके में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन युवकों की जान चली गई थी। उस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था, फिर भी विभाग की चुप्पी बरकरार है।
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मोहल्ले के लोगों ने बताया कि उन्होंने भाजपा के पूर्व विधायक विजय राजभर से भी इस मामले की शिकायत की थी। लोगों के अनुसार, पूर्व विधायक ने बताया कि इस संबंध में पत्र तैयार हो चुका है, लेकिन अब तक कार्रवाई की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द इस खतरनाक तार को ऊंचा किया जाए या सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि किसी और परिवार को अपनों को खोने का दर्द न सहना पड़े। उनका कहना है कि आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं और अगर समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। अब देखना यह है कि प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब ध्यान देते हैं, या फिर लोगों को किसी और हादसे के बाद ही राहत मिलेगी।






















