सावन मास के दौरान शुरू होने वाली प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है। जुलाई के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर अगस्त के अंत तक चलने वाले इस विशाल आयोजन को लेकर मेरठ रेंज में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं।

17 सुपर जोन में बांटा गया मेरठ जोन
डीआईजी (मेरठ रेंज) कलानिधि नैथानी ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन का ब्योरा देते हुए बताया कि पूरे मेरठ परिक्षेत्र से महीने भर में करोड़ों श्रद्धालुओं के गुजरने का अनुमान है। इस विशाल भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे यात्रा मार्ग को 17 सुपर ज़ोन, 56 ज़ोन और 176 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

200 पिकेट और 148 स्थानों पर लगेंगे बैरियर
डीआईजी ने बताया कि कांवड़ मार्गों पर यातायात सुगम रखने और भीड़ प्रबंधन के लिए 200 पुलिस पिकेट तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, सुरक्षा जांच और वाहनों के डायवर्जन के लिए 148 से अधिक प्रमुख स्थलों पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है।

प्रमुख घाटों व मंदिरों पर विशेष नज़र
जल उठाने से लेकर जलाभिषेक तक के सभी मुख्य केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। हापुड़ जनपद स्थित बृजघाट गंगा नदी से जल उठाने वाले इस प्रमुख घाट पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। प्रमुख शिवालय: बागपत स्थित ऐतिहासिक पुरा महादेव मंदिर, मेरठ का बाबा औघड़नाथ मंदिर और बुलंदशहर (अहार) स्थित अम्बकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं। इन सभी स्थलों पर अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा।

पड़ोसी राज्यों से साध रहे समन्वय
कांवड़ यात्रा के अंतरराज्यीय स्वरूप को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। डीजीपी और एडीजी मेरठ ज़ोन के निर्देशों के तहत पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभाग समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं। हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय अंतरराज्यीय समन्वय बैठक भी हुई, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा की गई, ताकि अंतरराज्यीय सीमा पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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