उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में एक दलित युवक की मंदिर परिसर में बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग युवक को लात-घूंसों और बेल्ट से पीटते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया और घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, नगर कोतवाली क्षेत्र की गौशाला रोड पर माता का एक मंदिर है। इसी मंदिर में सत्येंद्र नाम का युवक साफ-सफाई का काम करता था। आरोप है कि उसने मोहल्ले की एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर उसका यौन शोषण किया। जब इस बात की भनक किशोरी के परिजनों और मोहल्ले के लोगों को लगी, तो वे आक्रोशित होकर मंदिर पहुंच गए और युवक की जमकर पिटाई कर दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को शांत कराया और गंभीर रूप से घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस की तत्परता से हालात को और बिगड़ने से रोका जा सका। मुजफ्फरनगर के एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि 112 के माध्यम से कोतवाली नगर को सूचना मिली थी कि गौशाला रोड पर कुछ लोग एक व्यक्ति के साथ मारपीट कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि मारपीट करने वाले तीन आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों से की जा रही पूछताछ के आधार पर घटना में शामिल बाकी लोगों की पहचान की जा रही है। पहचान होने पर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। यह मामला दो गंभीर पहलुओं से जुड़ा है। एक ओर एक नाबालिग के साथ यौन शोषण का आरोप है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। दूसरी ओर आरोपों के बावजूद किसी को भीड़ द्वारा पीटना कानून-व्यवस्था के लिहाज से उचित नहीं ठहराया जा सकता। आरोपों की सच्चाई और दोष तय करने का काम जांच एजेंसियों और अदालत का है। पुलिस का कहना है कि दोनों ही पक्षों से जुड़े तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
























