Pilibhit: मतदाता सूची में गड़बड़ी मामले में पीलीभीत के दो उपजिलाधिकारियों SDM का पहले तबादला किया गया उसके बाद दोनों को प्रतिक्षारत में डाला गया है। गौरतलब है कि पीलीभीत एसडीएम हेमंत कुमार चौधरी और गोस्वामी मयंक का शुक्रवार सुबह तबादला कर दिया गया था। उनकी पोस्टिंग से पहले शनिवार सुबह दोनों एसडीएम को प्रतिक्षारत में डाल दिया गया है।
यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि पीलीभीत मतदाता सूची में गड़बड़ी पाए जाने पर दो उपजिलाधिकारियों SDM के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए है। इस दौरान शुक्रवार को दोनों अधिकारियों का तबादला कर दिया गया था। जिसके बाद शासन की तरफ से शनिवार सुबह दोनों अधिकारियों को प्रतिक्षारत श्रेणी में डाल दिया गया है। दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उनकी निगरानी में बनी मतदाता सूची में एक मतदाता के इपिक नंबर पर दूसरे मतदाता का विवरण प्रदर्शित हो रहा था। इस मामले में दोनों उपजिलाधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हुई है। Pilibhit
पहले स्थानांतरण फिर तबादला
शुक्रवार को लखनऊ स्थित नियुक्ति विभाग की तरफ से जारी किए आदेश में गोस्वामी मयंक को चकबंदी मुख्यालय, लखनऊ में बंदोबस्त अधिकारी बनाया गया था, जबकि उपजिलाधिकारी हेंमत चौधरी को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी के पद पर तबादला किया गया था। हालांकि शनिवार सुबह दोनों के तबादलों को रोक दिया गया और उन्हें प्रतीक्षारत कर दिया गया। बता दें कि इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। मतदाता सूची में हुई गड़बड़ी मामले में दोनों अधिकारी फंसते नजर आ रहे हैं। Pilibhit
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शिकायत के बाद कार्रवाई
पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में 10,470 मतदाताओं के नाम उनके पिता के नाम के साथ बदल दिए गए थे। इस मामले में शिकायत सामने आने के बाद इस मामले की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में मतदाता सूची में गड़बड़ी की सत्य पाई गई। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी को नई तैनाती दी गई थी। इस मामले में भूल सुधार करते हुए नियुक्ति विभाग की तरफ से जारी नए आदेश में दोनों अधिकारियों को प्रतिक्षारत कर दिया गया है। Pilibhit

























