प्रतापगढ़ जिले के मेडिकल कॉलेज परिसर में रविवार की सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब हॉस्टल के पास एक छात्र बेसुध हालत में पड़ा मिला। आनन-फानन में उसे राजा प्रताप बहादुर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की पड़ताल शुरू कर दी। मृतक की पहचान मिथलेश कुमार के रूप में हुई है। उसकी उम्र 27 वर्ष थी और वह मूल रूप से बलिया जिले का निवासी था। मिथलेश वर्ष 2024 बैच का छात्र था और कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। एक होनहार युवा की इस तरह अचानक मौत से कॉलेज परिसर में गम और सन्नाटे का माहौल है।
सुबह जैसे ही शव मिलने की खबर फैली, हॉस्टल के आसपास बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जमा हो गए। कई विद्यार्थी स्तब्ध नजर आए और एक-दूसरे से घटना के बारे में जानकारी लेते दिखे। भीड़ बढ़ने के बीच कॉलेज प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों ने हालात को संभालने की कोशिश की। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। इन साक्ष्यों की जांच के बाद ही स्थिति कुछ हद तक साफ हो सकेगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर छानबीन कर रही है।
अभी तक मौत के असली कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामला संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का है, इसलिए पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों को परखना चाहती है। आमतौर पर ऐसे मामलों में शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाता है और उसकी रिपोर्ट से मौत की वजह समझने में मदद मिलती है। साथ ही परिचितों, सहपाठियों और हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों से पूछताछ भी जांच का अहम हिस्सा होती है। मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और उनके मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। ऐसी घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि परिसर में निगरानी, संवाद और सहयोग का माहौल कितना जरूरी है। हालांकि इस मामले में किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, क्योंकि जांच अभी शुरुआती चरण में है।
पुलिस अधिकारियों की ओर से जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपेक्षा की जाती है। अफवाहों पर ध्यान न देकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना ही बेहतर है। जैसे ही जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आएगा, उसे सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल सबकी निगाहें पुलिस की कार्रवाई और फोरेंसिक व पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। मिथलेश के साथियों और परिचितों के लिए यह समय बेहद भावुक है। परिसर में मौजूद हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर उस सुबह हुआ क्या था और एक युवा चिकित्सक बनने की राह पर चल रहे छात्र की जान कैसे गई।























