प्रयागराज में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के बाहरी इलाकों में बिना अनुमति जमीन काटकर कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ शुक्रवार को अभियान चलाया गया। झलवा और पीपलगांव इलाके में प्राधिकरण की टीम ने करीब 26 बीघा जमीन पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई गई सड़कें, प्लॉट की सीमाएं और दूसरे निर्माण बुलडोजर से हटाए गए। इसके साथ ही कालिंदीपुरम इलाके में प्राधिकरण की जमीन पर बनाए गए एक रियल एस्टेट कार्यालय को भी गिरा दिया गया। यह कार्यालय खालिद जफर से जुड़ा बताया गया है, जिसे पुलिस उमेश पाल हत्याकांड के मामले में वांछित बता चुकी है।
PDA की प्रवर्तन टीम ने शुक्रवार को धूमनगंज और एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, इन इलाकों में बिना जरूरी अनुमति के जमीन की प्लॉटिंग कर कॉलोनी विकसित करने की कोशिश की जा रही थी। जमीन पर सड़कें तैयार कर दी गई थीं और अलग-अलग हिस्सों को प्लॉट के तौर पर विकसित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण की टीम ने इन निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि बिना स्वीकृति के इस तरह की कॉलोनी विकसित करना नियमों का उल्लंघन है, इसलिए प्रवर्तन कार्रवाई की गई। एक ही दिन में करीब 26 बीघा जमीन को अवैध प्लॉटिंग से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और पुलिस बल भी मौजूद रहा।
अभियान की शुरुआत धूमनगंज के शद्दाब चौराहा और कालिंदीपुरम क्षेत्र से हुई। यहां PDA की जमीन पर बनाए गए एक रियल एस्टेट कार्यालय को ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण के अनुसार, यह कार्यालय 200 वर्गमीटर से अधिक सरकारी जमीन पर बनाया गया था। कार्रवाई में बुलडोजर से कार्यालय के निर्माण को पूरी तरह हटा दिया गया। यह कार्यालय खालिद जफर से जुड़ा बताया गया है। खालिद जफर का नाम उमेश पाल हत्याकांड की जांच के दौरान भी सामने आया था और वह इस मामले में वांछित बताया गया है। इसी वजह से इस कार्रवाई को लेकर इलाके में भी चर्चा रही।
PDA की यह कार्रवाई जोनल अधिकारी सूरज पटेल के नेतृत्व में की गई। प्रवर्तन टीम ने पहले मौके का निरीक्षण किया और अवैध निर्माण व प्लॉटिंग की स्थिति देखी। इसके बाद बुलडोजर की मदद से निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य उन लोगों पर कार्रवाई करना है जो बिना प्राधिकरण की अनुमति के कृषि या दूसरी जमीनों पर प्लॉट काटकर कॉलोनी विकसित कर रहे हैं। ऐसी जगहों पर सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण भी बिना स्वीकृत नक्शे के किया जाता है।
प्रयागराज के शहर से सटे इलाकों में पिछले कुछ समय से जमीन की अवैध प्लॉटिंग को लेकर प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई की जा रही है। कई जगहों पर जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर लोगों को प्लॉट बेचने की तैयारी की जाती है। प्राधिकरण का कहना है कि ऐसी जमीन खरीदने से पहले लोगों को यह जांच लेना चाहिए कि संबंधित कॉलोनी और प्लॉट को मंजूरी मिली है या नहीं। बिना स्वीकृति वाली कॉलोनियों में बाद में सड़क, पानी, सीवर और बिजली जैसी सुविधाओं को लेकर भी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। शुक्रवार की कार्रवाई के बाद PDA की ओर से संकेत दिया गया है कि अवैध निर्माण और बिना अनुमति की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। खासतौर पर शहर के बाहरी इलाकों में जमीन काटकर विकसित की जा रही कॉलोनियों की जांच की जा रही है। प्राधिकरण की कार्रवाई में एक तरफ जहां करीब 26 बीघा जमीन पर चल रही अवैध प्लॉटिंग को हटाया गया, वहीं दूसरी ओर प्राधिकरण की जमीन पर बने रियल एस्टेट कार्यालय को भी ध्वस्त किया गया। अब संबंधित जमीनों और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
























