प्रयागराज: शहर में बारिश के बाद जगह-जगह हुए जलभराव को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री ने प्रयागराज के नगर निगम अधिकारियों से साफ शब्दों में पूछा कि जब शहर में जलनिकासी की व्यवस्था पहले से मौजूद है तो फिर इतनी बड़ी समस्या कैसे खड़ी हो गई। उन्होंने खास तौर पर नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा से जवाब मांगा और जलभराव के कारणों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी पूछा कि नगर निगम की पूरी मशीनरी और बड़ी संख्या में तैनात कर्मचारी आखिर क्या कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम से पहले नालों की सफाई, जलनिकासी की व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों की पहचान जैसे काम समय रहते पूरे किए जाने चाहिए थे। इसके बावजूद यदि बारिश के बाद शहर में पानी भर रहा है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जलभराव पर अफसरों से मांगा जवाब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जलभराव की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सवाल किया कि शहर के किन इलाकों में पानी जमा हुआ और वहां से पानी निकालने के लिए क्या इंतजाम किए गए। साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा कि जलनिकासी के लिए लगाए गए संसाधन और पंपिंग व्यवस्था कितनी प्रभावी रही। सीएम ने अधिकारियों को यह समझाने की कोशिश की कि बारिश हर साल होती है और इससे निपटने की तैयारी पहले से होनी चाहिए।
अचानक बारिश होने को जलभराव की समस्या का कारण बताकर जिम्मेदारी से बचना उचित नहीं है। नगर निगम को ऐसे स्थानों की पहले से पहचान करनी चाहिए जहां थोड़ी ज्यादा बारिश में भी पानी जमा होने की आशंका रहती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलभराव वाले इलाकों में तत्काल राहत और जलनिकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े।
‘नगर निगम के अफसरों की फौज क्या कर रही थी?’
मुख्यमंत्री की नाराजगी का सबसे बड़ा कारण यही रहा कि नगर निगम के पास अधिकारियों और कर्मचारियों की पूरी व्यवस्था होने के बावजूद शहर में जलभराव की स्थिति क्यों बनी। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि जब बारिश के मौसम को लेकर पहले से तैयारियां की जाती हैं तो फिर मौके पर व्यवस्थाएं कमजोर क्यों नजर आईं।
सीएम ने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और सिर्फ कार्यालयों में बैठकर स्थिति की समीक्षा करने के बजाय मौके पर जाकर समस्याओं को देखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता को जलभराव, गंदगी और खराब जलनिकासी जैसी समस्याओं से लंबे समय तक जूझना नहीं पड़ना चाहिए।
फुटपाथ पर दुकानें आवंटित करने पर भी सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर की व्यवस्थाओं से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा से सवाल किए। उन्होंने फुटपाथ पर दुकानें आवंटित किए जाने के मामले की जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री ने पूछा कि आखिर किस नियम और व्यवस्था के तहत फुटपाथ जैसी सार्वजनिक जगहों पर दुकानें लगाने की अनुमति दी गई।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि फुटपाथ का उद्देश्य पैदल चलने वाले लोगों के लिए रास्ता उपलब्ध कराना है। यदि वहां अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लगाई जाती हैं तो इससे आम लोगों को परेशानी होती है और शहर की व्यवस्था भी प्रभावित होती है। सीएम ने इस तरह के मामलों में नियमों का पालन सुनिश्चित करने और सार्वजनिक स्थानों के व्यवस्थित इस्तेमाल पर जोर दिया।
बारिश से पहले तैयारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति न बने, इसके लिए पहले से प्रभावी प्लान तैयार किया जाए। नालों की सफाई, जलनिकासी मार्गों की निगरानी और पानी निकासी के संसाधनों की उपलब्धता को लेकर लगातार समीक्षा करने को कहा गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ कागजों में तैयारी दिखाने से काम नहीं चलेगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बारिश के समय उसका असर जमीन पर भी दिखाई दे।
जनता को परेशानी हुई तो जिम्मेदारी भी तय होगी
मुख्यमंत्री के तेवर से साफ है कि प्रयागराज में जलभराव को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सरकार की नजर है। योगी ने अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने का संदेश देते हुए कहा कि शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जलभराव जैसी समस्या सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती है।
सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होता है, लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है और कई जगहों पर जलभराव के कारण दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्या का स्थायी समाधान निकालने पर फोकस किया जाए, न कि बारिश के बाद सिर्फ अस्थायी तौर पर पानी निकालने की कार्रवाई की जाए।
प्रयागराज में जलभराव को लेकर मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद अब नगर निगम के अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर की जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि अगली बारिश में लोगों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

