रायबरेली जनपद के लालगंज क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे पर उमरामऊ के पास श्रद्धालुओं से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बस में सवार 19 तीर्थयात्री घायल हो गए। सभी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां से छह घायलों की हालत नाजुक देखकर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सभी यात्री पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के रहने वाले हैं।

वृंदावन से काशी की ओर था सफर
जानकारी के अनुसार, हावड़ा के कदमतला इलाके के कुछ परिवार एक साथ बस से तीर्थयात्रा पर निकले थे। पहले उन्होंने वृंदावन पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। इसके बाद पूरा जत्था बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी की ओर बढ़ रहा था। रास्ते में जब बस गंगा एक्सप्रेसवे पर उमरामऊ के निकट पहुंची, तभी चालक का नियंत्रण बस से छूट गया और वाहन पलट गया। बताया जा रहा है कि चालक को झपकी आ जाने से यह हादसा हुआ।
अचानक हुई इस घटना से बस के भीतर चीख-पुकार मच गई। कुछ ही पलों में एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और पुलिस को सूचना दी।
घायलों में कई परिवारों के सदस्य
घायलों में सुदीप सिंह, उनकी पत्नी मोनिता, बेटी सोमाली और बेटा सेयम सिंह शामिल हैं। इनके अलावा पुरखित पांजा, उत्तम दिलोई, रोमा (पुरखित पांजा की पत्नी), मिनोती दास, सुजीत, सुहानी और दरजीत (पुरखित पांजा के पुत्र) भी चोटिल हुए हैं। विभव दिलई (उत्तम दिलई की पत्नी), श्रेष्टा मन्ना, स्वामी रामदेव मन्ना, रूबी मन्ना, अशोक दास, खैतली मन्ना और वंदना (जयदेव पाल की पत्नी) को भी चोटें आई हैं।

गंभीर घायल जिला अस्पताल रेफर
सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। जांच के बाद सेयम सिंह, पुरखित पांजा, उत्तम दिलोई, रोमा, सोनाली और वंदना की स्थिति चिंताजनक पाई गई। बेहतर इलाज के लिए इन छह लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया है। बाकी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे की खबर मिलते ही कोतवाल प्रमोद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने राहत कार्य की निगरानी की और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने यात्रियों का सामान भी सुरक्षित अस्पताल पहुंचवाया, ताकि बाहर से आए इन लोगों को अतिरिक्त परेशानी न उठानी पड़े। प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने घायलों के लिए चाय और बिस्कुट की व्यवस्था भी कराई। परदेस में अचानक संकट में फंसे परिवारों के लिए यह छोटी सी मदद भी बड़ी राहत साबित हुई। इसके बाद सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल रवाना किया गया।

लंबी दूरी के सफर में सावधानी जरूरी
एक्सप्रेसवे पर रफ्तार अधिक होती है और सीधी, चौड़ी सड़क पर लंबे समय तक गाड़ी चलाने से चालकों को थकान और नींद का खतरा रहता है। ऐसे में छोटा सा असंतुलन भी बड़े हादसे में बदल सकता है। विशेषज्ञ लंबी यात्राओं में हर कुछ घंटे बाद रुककर आराम करने, चालक की नींद पूरी होने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक चालक रखने की सलाह देते हैं। तीर्थयात्रा या पर्यटन के लिए बसें बुक करने वाले समूहों को भी चालक के विश्राम और यात्रा के कार्यक्रम का ध्यान रखना चाहिए।
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पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। घायलों के परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी चल रही है। उम्मीद की जा रही है कि समय पर इलाज मिलने से गंभीर घायलों की हालत में जल्द सुधार होगा। प्रशासन ने कहा है कि घायल यात्रियों के उपचार और ठहरने में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
























