शाहजहांपुर। जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र में दो साधुओं की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सूथा गांव के पुराने मंदिर परिसर में बुधवार रात दोनों साधुओं को लोहे की रॉड से पीटकर मार डाला गया। इसके बाद उनके शवों को जला दिया गया। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों में भारी आक्रोश दिखा। मृतकों की पहचान बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास उर्फ बड़े दास के रूप में हुई है। दोनों साधु मंदिर में ही रहते थे। बताया जा रहा है कि मंदिर के संरक्षक शिवकुमार सिंह ने जब अपने बेटे को मौके पर भेजा, तो वहां दोनों के शव जले हुए मिले। इसके बाद उन्होंने पुलिस को लिखित तहरीर दी, जिसमें गांव के ही सुमित सिंह को नामजद किया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह करीब आठ बजे पुलिस ने 35 वर्षीय सुमित सिंह को उसके घर से ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और साक्ष्य जुटाए। दोपहर में बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा ने भी मौके का मुआयना किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी की नजर मंदिर और उससे जुड़ी करीब तीन बीघा जमीन पर थी। ग्रामीणों का कहना है कि सुमित अक्सर मंदिर पहुंचकर साधुओं को वहां से चले जाने की धमकी देता था। घटना वाली शाम भी उसके मंदिर आने और लोगों को धमकाने की बात कही जा रही है। पुलिस इस जमीन विवाद को हत्या की वजह मानकर जांच कर रही है।
शिकायत के मुताबिक आरोपी कुछ समय पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया था। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि उस पर पहले से कई मामले दर्ज हैं। हालांकि इन बातों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं। आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे घटनाक्रम में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। गांव में फिलहाल शोक और गुस्से का माहौल है, जबकि प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखी है।




















