शामली: आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ( Chandrashekhar Azad) ने बसपा सुप्रीमो मायावती के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन पर लगाए आरोपों पर जवाब दिया है। सांसद चंद्रशेखर ने कहा, ‘वो बहन जी का सम्मान करते हैं क्योंकि वह उनसे बड़ी हैं और उनके द्वारा की गई किसी भी आलोचना पर उन्हें कोई क्रोध नहीं है लेकिन पता नहीं कि उनको प्रेस नोट लिखकर कौन देता है।’
चंद्रशेखर ने कहा, ‘मैं बहुत जिम्मेदारी से कह सकता हूं कि जो लोग भी उन्हें लिखकर देते हैं वह उन तक सही खबर नहीं जाने देते, अगर खबर जाने देते तो एक और नौजवान जिसको दो बार निकाला गया यह स्थिति नहीं आती। उन्होंने कहा कि वह सांप्रदायिक ताकतों और संविधान विरोधियों के खिलाफ लड़ रहे हैं इसलिए आपस में नहीं लड़ना चाहते हैं।
बहनजी से लड़ना नहीं चाहता: चंद्रशेखर आजाद
दरअसल शामली में विधानसभा प्रभारी राव मौसम की चुनावी जनसभा को संबोधित करने के लिए आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद इस्लामपुर पहुंचे थे। वहीं उन्होंने मायावती के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। थाना भवन में जनसभा के बाद उन्होंने मायावती द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनके ऊपर लगाए आरोपों के बारे में भी खुलकर बोला। चंद्रशेखर ने कहा, वह आपस में लड़ाई नहीं चाहते हैं, उनकी लड़ाई सांप्रदायिक ताकतों और संविधान विरोधियों के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी शुरुआत से ही संघर्ष कर रही है और वह अपने बहुजन महापुरुषों के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सांसद ने कहा, पूरे देश में वह संघर्ष कर रहे हैं, मैं पूरी जिम्मेदारी से कह रहा हूं की बहन जी ने कोई बात अगर कही है तथ्यों के साथ कही होगी तो उन्हें कोई जानकारी तो मिली होगी।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, मेरे लिए यह सिर्फ कोई चुनाव का सवाल नहीं है, मेरे लोगों पर जो सवाल खड़ा हुआ है मैं उसका जवाब दे रहा हूं। बता दें कि मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर आरोप लगाया था कि भाजपा द्वारा गड़बड़ी किए जाने की वजह से चंद्रशेखर आजाद को लोकसभा चुनाव में जीत मिली थी।
चुनाव जीतने पर चंद्रशेखर ने क्या कहा ?
इसको लेकर चंद्रशेखर आजाद ने कहा, बहन जी ने तो तीन बार भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई है तो उनको चाहिए कि वह बात करें प्रधानमंत्री जी से और पूरे देश की लोकसभा भंग कर दें, मैं डंके की चोट पर दोबारा से चुनाव लड़ने को तैयार हूं और आप मेरी संपत्ति की सीबीआई जांच करा दें।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा, आप (मायावती) मोदी जी के चुनाव प्रचार में भी गई हैं, 2002 के दंगे के बाद, मेरे लोगों ने एक-एक रुपया देकर मुझे चुनाव लड़ाया है जिसके बाद मैं चुनाव जीता हूं। रही बात ईवीएम की तो मैं ईवीएम का हमेशा से विरोधी रहा हूं और ईवीएम पर लगातार सवाल खड़े हुए हैं लेकिन ईवीएम से मैं अकेला चुनाव जीतने वाला नहीं हूं और भी लोग ईवीएम से चुनाव जीते हैं ऐसा नहीं कि भाजपा के लोग ईवीएम से हुए चुनाव में नहीं हारे, कई सीट ऐसी है जो बीजेपी को गंवानी पड़ी है।
रिपोर्ट: पंकज मलिक
























