उत्तर प्रदेश के शामली रेलवे स्टेशन को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत संवारा गया है। प्रधानमंत्री के संभावित लोकार्पण से ठीक पहले दिल्ली डिवीजन के डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने स्टेशन का बारीकी से निरीक्षण किया। हालांकि डीआरएम के निरीक्षण में सब कुछ दुरुस्त नजर आया, लेकिन स्टेशन की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
आगामी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शामली रेलवे स्टेशन के वर्चुअल लोकार्पण की तैयारी जोरों पर है। इसी कड़ी में शुक्रवार को दिल्ली डिवीजन के डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने शामली का दौरा किया। उन्होंने प्लेटफार्म, आरपीएफ थाना, स्टेशन मास्टर कक्ष, लिफ्ट और यात्री सुविधाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान छोटी-मोटी खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। लेकिन सवाल 25 करोड़ रुपये की लागत पर खड़े हो रहे हैं। लोकार्पण से पहले ही स्टेशन की ‘नवीनीकृत’ इमारत बदहाल दिखने लगी है। नई दीवारों में दरारें पड़ गई हैं कमरों के दरवाजे दीमक की भेंट चढ़ रहे हैं और दरवाजों में लगे कब्ज़े दीवार छोड़ चुके है और दरवाजों की जालियां अभी से फटने लगी हैं। अब यह निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का सवाल है या रखरखाव की लापरवाही यह जांच का विषय है।
इस पूरे मामले पर डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने कहा कि शामली स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं जैसे एग्जीक्यूटिव लाउंज और यात्री प्रतीक्षालयों से लैस किया गया है। उन्होंने शौचालय व्यवस्था के लिए निजी उद्यमियों को आमंत्रित करते हुए इसे ‘पे एंड यूज’ मॉडल पर चलाने की बात कही।
शामली में काफी विशालकाय स्टेशन बनकर तैयार हुआ है। अमृत भारत स्कीम के अंदर जो सुविधाएं देनी हैं उस हिसाब से काफी सुविधाएं यहां दी गई है, एग्जीक्यूटिव लाउंज है, प्रतीक्षालय है। निकट भविष्य में यह राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। रही बात शौचालय की तो हम प्रयास कर रहे हैं कि यह ‘पे एंड यूज’ हो जाए। यदि कोई उद्यमी रेलवे के साथ जुड़कर इसे चलाना चाहता है तो उनका स्वागत है।
25 करोड़ की लागत के बावजूद स्टेशन की यह दुर्दशा कई सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि क्या लोकार्पण से पहले इन खामियों को दुरुस्त किया जाता है या जनता को इसी बदहाल स्टेशन के भरोसे छोड़ दिया जाएगा।
Reporter | Pankaj Malik ( Shamli ) kajal kumari

