Shamli Conversion Case: उत्तर प्रदेश के शामली जनपद में धर्मांतरण प्रकरण से जुड़े मामले में सीजेएम कोर्ट ने चांदनी कुरैशी और उसके पिता की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पहले आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने सीजेएम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया। अब जिला जज के समक्ष जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।
मामला शामली की सदर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां देवराज मलिक ने चांदनी कुरैशी और उसके परिवार पर अपने पुत्र के धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने चांदनी कुरैशी और उसके परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद चांदनी कुरैशी और उसके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं, जिनमें धर्मांतरण कराने का आरोप झेल रहे मौलाना भी शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों की जमानत याचिका सीजेएम कोर्ट शामली में दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। अब बचाव पक्ष जिला जज के समक्ष जमानत के लिए अपील करने की तैयारी कर रहा है।
इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है, जो पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है। जांच में कई मौलानाओं की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। साथ ही पुलिस इस मामले में कथित पाकिस्तानी कनेक्शन की भी जांच कर रही है।
चांदनी कुरैशी के अधिवक्ता मेहरबान अहमद ने बताया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट में रिमांड की प्रक्रिया के बाद जमानत याचिका दाखिल की गई थी। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, उन्हें अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा और सेशन कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन किया जाएगा। उनका यह भी कहना है कि लगाए गए आरोप और धाराएं तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं।
रिपोर्ट: पंकज मलिक (शामली ब्यूरो)

