Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली से खाकी को दागदार करने वाली खबर सामने आई है, जहां कानून के रखवाले पर ही कानून की धज्जियां उड़ाने का आरोप लगा है। आरोप है कि एक बेगुनाह युवक को थाने में अवैध रूप से बंद रखकर उसके साथ मारपीट की गई और फिर मामला रफा-दफा करने के नाम पर रिश्वत वसूली गई। शिकायत मिलने पर आरोपी सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मामला शामली जनपद के कांधला थाने का है, जहां तैनात सिपाही मोनू नागर पर आरोप है कि उसने कांधला कस्बे के मोहल्ला खैल निवासी आरिफ कुरैशी को अवैध रूप से हिरासत में रखा और उसके साथ मारपीट की। आरिफ कुरैशी ने अधिकारियों को दी गई शिकायत में बताया कि झूठे मुकदमे में फंसाने और थाने में प्रताड़ना से बचने के लिए उससे 16 हजार रुपये की रिश्वत लेकर छोड़ा गया।
सिपाही मोनू नागर को लगा कि पैसे मिलने के बाद मामला यहीं दब जाएगा, लेकिन पीड़ित आरिफ ने सिपाही की कथित गुंडागर्दी और वसूली की शिकायत पुलिस के उच्च अधिकारियों से कर दी। अधिकारियों द्वारा मामले की जांच कराई गई, जिसमें सिपाही मोनू नागर पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद उसे लाइन हाजिर कर दिया गया।
गौरतलब है कि सिपाही मोनू नागर पिछले चार वर्षों से एक ही थाने में तैनात था। जबकि नियमानुसार किसी सिपाही की एक थाने में अधिकतम तीन वर्ष तक ही तैनाती की जा सकती है।
अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि कांधला निवासी एक व्यक्ति द्वारा शिकायत की गई थी। जांच में लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं, जिसके आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर संबंधित सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

