वाराणसी: फ्लाई दुबई के एक विमान को बचाने वाले जाबांज पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सलमाती के लिए हवन-पूजन का दौर चल रहा है। हमलावर पायलट से फ्लाइट और लोगों को बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार (Smit Machhar) चाकू का घाव सहते हुए भी विमान में सवार सभी यात्रियों की सुरक्षा के लिए लड़ते रहे।
उन्होंने ओमानी पायलट को हवाई जहाज का कंट्रोल लेने नहीं दिया। अगर ऐसा होता तो विमान को क्रैश या हाईजैक किए जाने की आशंका थी। अब इन विपरीत परिस्थितियों में अदम्य साहस, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देकर देश के सामने बहादुरी की मिसाल पेश करने वाले स्मित मच्छार की सलामती के लिए देश में पूजा-पाठ और हवन किया जा रहा है।
स्मित मच्छार की सलामती के लिए हवन-पूजन
वाराणसी (काशी) में उनके साहस को नमन करते हुए दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि परिवार और काशीवासियों ने बाबा विश्वनाथ, मां गंगा से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने कहा कि जिस कठिन परिस्थिति में कोई भी व्यक्ति घबरा सकता था, उस समय कैप्टन स्मित मच्छार ने अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखते हुए सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा के लिए जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया। यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
दशाश्वमेध घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी उनके साहस को नमन किया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा के तट पर पूजन-अर्चना कर कैप्टन स्मित मच्छर के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर मौजूद रहे और उनके शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना करते नजर आए।
उस फ्लाइट में क्या हुआ था ?
उस फ्लाइट में मौजूद रहे यानिव ह्यून ने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि कॉकपिट में फ्लाई दुबई की फ्लाइट एक बड़े हादसे के बेहद करीब थी. कॉकपिट में मौजूद पायलट ने अपने को-पायलट कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर उन्हें घायल कर दिया और विमान का कंट्रोल लेने की पूरी कोशिश कर रहे थे। इस दौरान अचानक से विमान नीचे की तरफ गिरने लगा।
‘आज तुम नहीं मरोगे’
ह्यून ने बताया कि एक वक्त ऐसा आया जब लगा अब विमान क्रैश होने वाला है और कोई नहीं बचेगा लेकिन घायल होने के बाद भी कैप्टन स्मित ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। ह्यून उन्हें खून से लथपथ देखते ही कॉकपिट की तरफ दौड़े और उनसे कहा, ‘आज तुम नहीं मरोगे’।
इसके बाद ह्यून ने एक केबिन क्रू के साथ मिलकर हमला करने वाले विमान के मुख्य कैप्टन को पीछे से पकड़कर घसीट कर कॉकपिट से बाहर ले आए ताकि वो विमान में कोई खराबी पैदा ना कर सके। ह्यून ने बताया कि इस दौरान कॉकपिट के अंदर का मंजर बेहद डरावना था। कैप्टन स्मित मच्छार फर्श पर पड़े हुए थे और बुरी तरह घायल थे. इस दौरान भी ओमानी हमलावर पायलट प्लेन को कंट्रोल में लेने की कोशिश में लगा हुआ था। उसे सभी ने कॉकपिट से खींचकर बाहर निकाला।
‘स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा नहीं खोला होता तो सब मारे जाते’
ह्यून ने बताया कि विमान के अंदर बेहद तनाव था और लोगों को अपने जान की चिंता सता रही थी। इसी दौरान विमान में सवार दो ऑफ ड्यूटी पायलट भागकर कॉकपिट की तरफ गए और तुरंत विमान को अपने कंट्रोल में लिया। इसके बाद ह्यून वहीं कॉकपिट के पास दरवाजे के बाहर खड़े हो गए और यह सुनिश्चित किया कि हमलावर पायलट या फिर कोई और कॉकपिट के अंदर ना जा सके।
रिपोर्ट: हरेंद्र शुक्ला



















