देहरादून: उत्तराखंड अब बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तैयार है। प्रदेश में तैयार हो रही आधुनिक खेल सुविधाएं और खिलाड़ियों का बढ़ता स्तर इस दिशा में नई उम्मीद जगा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में Asian Short Track Trophy 2026 के उद्घाटन समारोह में यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं मौजूद हैं और प्रदेश किसी भी बड़े खेल आयोजन की मेजबानी करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि यहां के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने में सक्षम हैं।
हिमाद्री आइस रिंक के नवीनीकरण को बताया बड़ी उपलब्धि
देहरादून में Asian Short Track Trophy 2026 के आयोजन को उत्तराखंड में विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने की दिशा में देखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हिमाद्री आइस रिंक के नवीनीकरण का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आइस रिंक का बेहतर होना प्रदेश में आइस स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स के लिए नए रास्ते खोल सकता है।
सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को आने वाले समय में एशिया के प्रमुख विंटर स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति विंटर स्पोर्ट्स के लिए काफी अनुकूल है। अगर खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग, आधुनिक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर का माहौल मिले तो प्रदेश के युवा दुनिया के बड़े मंचों पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
खिलाड़ियों से बोले- जीत और हार खेल का हिस्सा
उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि खेल में जीत और हार दोनों होती हैं। किसी एक मुकाबले का नतीजा खिलाड़ी की पूरी पहचान तय नहीं करता। धामी ने खिलाड़ियों से कहा कि असली सफलता अनुशासन, मेहनत, समर्पण, खेल भावना और हार न मानने की सोच में है। उन्होंने खिलाड़ियों से पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना भी अपने आप में बड़ा अनुभव है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और उनसे सीखने का मौका देते हैं।
38वें राष्ट्रीय खेलों से मिली नई खेल सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। पिछले साल आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों ने इस दिशा में प्रदेश को बड़ा आधार दिया। राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के दौरान प्रदेश में कई जगह खेल मैदानों, स्टेडियम और दूसरी खेल सुविधाओं को बेहतर किया गया। सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं का इस्तेमाल अब आने वाले वर्षों में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और बड़े आयोजनों के लिए किया जाएगा। धामी ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड की खेल क्षमता को देश के सामने रखने का मौका मिला। अब इसी अनुभव को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों तक ले जाने की तैयारी है।
आठ शहरों में बनेंगी 23 खेल अकादमियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही बेहतर ट्रेनिंग देने के लिए स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान पर काम किया जा रहा है। इस योजना के तहत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित करने की योजना है। इन अकादमियों का मकसद अलग-अलग खेलों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार की कोशिश है कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्हें अपने ही प्रदेश में ट्रेनिंग, कोचिंग और प्रतियोगिताओं की बेहतर सुविधा मिल सके।
हल्द्वानी में बन रहा पहला खेल विश्वविद्यालय
धामी ने बताया कि हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर काम चल रहा है। खेल विश्वविद्यालय बनने के बाद खेल शिक्षा, ट्रेनिंग और रिसर्च के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। खेलों को सिर्फ प्रतियोगिता तक सीमित न रखते हुए इसे शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की भी कोशिश की जा रही है। विश्वविद्यालय के जरिए खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग, स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और दूसरे क्षेत्रों में करियर के रास्ते खुल सकते हैं।
लोहाघाट में शुरू हुआ महिला स्पोर्ट्स कॉलेज
राज्य में महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज शुरू किया जा चुका है। सरकार का फोकस महिला खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं देने पर भी है। उत्तराखंड में कई खेल प्रतिभाएं छोटे शहरों और पहाड़ी क्षेत्रों से निकलती हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर बेहतर खेल संस्थान तैयार होने से इन खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिल सकता है।
विंटर स्पोर्ट्स में उत्तराखंड की नई पहचान बनाने की तैयारी
उत्तराखंड की पहचान लंबे समय से पहाड़, बर्फ और पर्यटन से जुड़ी रही है। अब सरकार इसी प्राकृतिक क्षमता को विंटर स्पोर्ट्स के साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। स्कीइंग, आइस स्केटिंग और शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग जैसे खेलों के लिए राज्य में सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। अगर इन खेलों के लिए लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होती हैं तो खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल पर्यटन को भी फायदा मिल सकता है।
Asian Short Track Trophy 2026 की मेजबानी को इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। इससे उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय खेल कैलेंडर में जगह बनाने और दुनिया के खिलाड़ियों के सामने अपनी खेल सुविधाएं दिखाने का मौका मिला है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करना नहीं है। कोशिश यह है कि उत्तराखंड से ऐसे खिलाड़ी निकलें जो देश और दुनिया के बड़े मंचों पर प्रदेश का नाम रोशन करें।

