लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) बेहद अहम दौरे पर उत्तर प्रदेश पहुंचे हैं। राजधानी लखनऊ में सीएम योगी ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। लखनऊ पहुंचने के बाद अमित शाह ने बीजेपी कार्यसमिति की बैठक की जिसमें उन्होंने 312 से ज्यादा सीटें जीतने का मंत्री नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिया।
‘मैं वहीं याद दिलाने आया हूं…’
इस दौरान अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को 2017 में मिली जीत की याद भी दिलाई। मीटिंग के दौरान उन्होंने कहा कि, मैं वहीं याद दिलाने आया हूं, हमको वही लक्ष्य फिर हासिल करना है. मीटिंग के दौरान गृह मंत्री शाह ने कहा कि बीजेपी अंगद का पैर है, इसे कोई हिला नहीं सकता है।
मीटिंग के दौरान उन्होंने कहा, आप सब कमर कस लो और अर्जुन की तरह मछली की आंख पर नजर रखो, हमें सरकार बनानी है। उन्होंने पार्टी में गुटबाजी को लेकर सीधा संदेश दिया कि किसी असमंजस में नहीं रहना है। हमारी फिर यूपी में सरकार बन रही है। उन्होंने यूपी में जीत की हैट्रिक लगाने का मंत्र भी कार्रकर्ताओं को दिया।
समाजवादी पार्टी पर अमित शाह का तीखा हमला
अमित शाह ने मीटिंग की शुरुआत अलग अंदाज में की। उन्होंने बीजेपी कार्कर्ताओं को मालिक बताते हुए कहा कि हमारे मालिक, हमारे कार्यकर्ता को मेरा प्रणाम, मेरा राम-राम, हमें अपनी पुरानी ताकत दिखानी है। इस दौरान अमित शाह ने राम मंदिर के लिए हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा, ‘उत्तर प्रदेश में 30 अक्टूबर का बड़ा योगदान है, आज ही के दिन 1990 में अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां बरसाई गई थी, मैं पूछना चाहता हूं आप (समाजवादी पार्टी) किस मुंह से सरकार बनाने की बात करते हैं। आपने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई, हमने राम मंदिर बनाया है। आपकी तीसरी पीढ़ी को भी जनता कभी माफ नहीं करने वाली है।’
‘कहीं कोई दुविधा जैसी बात नहीं है’
अपने संबोधन में अमित शाह ने आगे कहा कि कल्याण सिंह ने अपनी सरकार की चिंता किए बिना ही विवादित ढांचे को ध्वस्त कर दिया था। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार अंगद का पैर है, उसे कोई हिला तक नहीं सकता, फिर से तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। कहीं कोई दुविधा जैसी बात नहीं है, आप सबको अपनी शक्ति पहचान कर काम करना है।
उन्हें कार्यकर्ताओं को टार्गेट देते हुए कहा, 2014 में हमारे 44 विधायक थे, बहुत निराशा थी, मैं तहसील तक गया, एक बार संगठन ठीक हो गया तो उत्तर प्रदेश में 2014 में 41 फीसदी वोट के साथ 73 सीटें जीती थी, 2017 में नोटबंदी हुई तो अखिलेश को रातभर नींद नही आई, हमने 40 फीसद वोट लेकर 312 सीट जीती थी।
रिपोर्ट: राजेश सोनी


























