नई दिल्ली: राहुल गांधी ( Rahul Gandh) के वोट चोरी और चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप को लेकर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की रैली का जवाब देने के लिए सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने बड़ी तैयारी की है। भाजपा देशभर में पैदल यात्रा निकालेगी और इस दौरान पार्टी अपने शीर्ष और प्रभावशाली नेताओं को मैदान में उतारेगी। इस पदयात्रा को लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ का नाम दिया गया है।
बीजेपी लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ से देगी जवाब
इस कार्यक्रम की शुरुआत उसी दिन होगी जिस दिन विपक्ष की दिल्ली में रैली होगी। यानी 1 नवंबर को देशभर में बीजेपी भी पदयात्रा निकालेगी। पदयात्राओं में हिस्सा लेने के लिए देशभर में केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी के मुख्यमंत्रियों को तैनात किया गया है।
बता दें कि पदयात्रा 1 नवंबर से 30 नवंबर तक यानी पूरे महीने चलेगी। 1 नवंबर को योगी आदित्यनाथ लखनऊ, हिमांता बिस्वा शर्मा शिमला में पदयात्रा करेंगे। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ , जेपी नड्डा, देवेंद्र फडणवीस भी देश के अलग अलग शहरों में पदयात्रा करेंगे।
सड़कों पर उतरेंगे अमित शाह से लेकर नितिन नवीन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 2 नवंबर को हैदराबाद और 5 नवंबर को हरियाणा के करनाल में पदयात्रा में शामिल होंगे। 1 नवंबर को सिखों द्वारा भी कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बुधवार 28 अक्टूबर को दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में एक बड़े पैदल मार्च का नेतृत्व करेंगे। चांदनी चौक के लाल किला टाउन हॉल से शाम को 4:00 बजे यात्रा शुरू होगी जिसमें दिल्ली प्रदेश के प्रमुख नेता, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा शामिल होंगे।
राहुल गांधी ने नहीं मानी कारोबारियों की बात
वहीं दूसरी तरफ 1 नवंबर को होने वाली रैली को लेकर दिल्ली के कारोबारियों की गुहार को राहुल गांधी ने ठुकरा दिया है। कारोबारियों ने दिवाली तक इसे टालने की मांग की थी। व्यवसाइयों द्वारा दो बार पत्र लिखे जाने के बाद राहुल गांधी का कहना है कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। कांग्रेस इस रैली में 10 लाख लोगों को जुटाने की कोशिश में है।
इनपुट: रमेश कुमार



























