Pakistan High Commission: भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनातनी एक बार फिर सतह पर आ गई है। भारत सरकार ने दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग को दी जाने वाली बाहरी सुरक्षा व्यवस्था हटा दी है। इस कार्रवाई के तहत उच्चायोग परिसर के बाहर लगे ट्रैफिक बोलार्ड और सुरक्षा बैरिकेड्स को बुलडोजर की मदद से हटाया गया।

गौरतलब है कि यह कदम पाकिस्तान द्वारा इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स हटाए जाने के ठीक तीन दिन बाद उठाया गया है। इसी वजह से भारत की इस कार्रवाई को पाकिस्तान की हरकत का सीधा और स्पष्ट जवाब माना जा रहा है।

तनावपूर्ण रिश्ते

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते पहले से ही काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। पिछले वर्ष पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया था। इस दर्दनाक हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव काफी बढ़ गया था, जो 10 मई को हुए संघर्ष विराम के बाद कुछ हद तक थमा। Pakistan High Commission

सर्जियो गोर का बयान

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका के भारत में राजदूत और दक्षिण-मध्य एशिया के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत सर्जियो गोर के श्रीनगर दौरे ने पाकिस्तान की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। अपने श्रीनगर दौरे के दौरान सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर को भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा करार दिया। उन्होंने कहा कि यह भारत का एक अहम हिस्सा है और इसीलिए वे पहली बार यहां आए हैं। उन्होंने इस क्षेत्र की खूबसूरती की भी सराहना करते हुए कहा कि यहां आकर वे बेहद प्रसन्न हैं। Pakistan High Commission

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इसके अलावा अमेरिकी दूत ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था में हुए सुधारों की भी प्रशंसा की। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका इस क्षेत्र के लिए जारी अपनी यात्रा परामर्श (ट्रैवल एडवाइजरी) की समीक्षा करने पर विचार कर सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की दिशा में सराहनीय कदम उठाए हैं। Pakistan High Commission

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पाकिस्तान ने अमेरिकी अधिकारी को किया तलब

सर्जियो गोर के इस बयान के बाद पाकिस्तान ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स नताली बेकर को तलब किया और गोर की टिप्पणी पर औपचारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई। पाकिस्तान ने इस बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया। इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो गया कि जहां एक ओर अमेरिका की तरफ से जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत के पक्ष में एक सकारात्मक बयान सामने आया, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान ने इसका कड़ा विरोध जताया।Pakistan High Commission

सुरक्षा हटाई गई

दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर से सुरक्षा बैरिकेड हटाए जाने की यह घटना इसी बढ़ती कूटनीतिक तनातनी के बीच हुई है। सबसे पहले इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर से सुरक्षा घेरा हटाया गया था। इसके ठीक तीन दिन बाद अब दिल्ली में भी पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर इसी प्रकार की कार्रवाई की गई है। दोनों घटनाओं के बीच का यह सीधा संबंध साफ दर्शाता है कि दोनों देश एक-दूसरे की कूटनीतिक कार्रवाइयों का बराबर का जवाब देने की नीति पर चल रहे हैं। Pakistan High Commission

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आगे क्या होगा?

विश्लेषकों का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह “टिट-फॉर-टैट” यानी जैसे को तैसा वाली नीति आने वाले दिनों में दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों को और प्रभावित कर सकती है। सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने जैसी कार्रवाइयां भले ही प्रतीकात्मक लगें, लेकिन ये दोनों देशों के बीच गहरे होते अविश्वास और तनाव को दर्शाती हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच के रिश्ते किस दिशा में आगे बढ़ते हैं, खासकर तब जब क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई घटनाक्रम इन रिश्तों को प्रभावित कर रहे हैं। Pakistan High Commission


सोनू सिंह
@Nation27

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