नई दिल्ली: इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष (Congress) की राजनीतिक लड़ाई अब ऑफिशियली कानूनी तौर पर भी शुरू हो गई है। नेता विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सोमवार को तमाम विपक्षी दलों के नेता ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला और देश की सर्वोच्च अदालत में याचिका फाइल की।
हालांकि इस याचिका को लेकर हैरान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जो याचिका दाखिल की गई उसमें 14 खामियां पाई गईं. इसे आप गलतियां या कमियां भी कह सकते हैं। अब ऐसे में सवाल उठ रहे है कि देश के जिस प्रमुख विरोधी दल कांग्रेस के पास कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी जैसे देश के दिग्गज वकीलों की पूरी फौज और पार्टी में इतने बुद्धिजीवी हैं, उसके बाद भी ऐसी गलती कैसे हो सकती है ? क्या जल्दबाजी में याचिका दायर करने से पहले किसी ने उसका रिव्यू करना जरूरी नहीं समझा ?

याचिका की प्रमुख खामियां ?
शायद विपक्ष की याचिका में इतनी गड़बड़ी की वजह से ही चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ राहुल गांधी की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नहीं होगी। याचिका में 14 खामियां पाई गई हैं। इसमें प्रतिवादियों के नाम में गड़बड़ी, 9 याचिकाकर्ता का वक़ालतनामा नहीं भरा जाना, खड़गे की धुंधली तस्वीर और कोर्ट फीस के 220 रुपये कम जमा होना प्रमुख कारण है।

इन गलतियों की चर्चा इसलिए भी है क्योंकि कांग्रेस पार्टी में अभिषेक मनु सिंघवी, सलमान खुर्शीद, पी चिदंबरम, मनीष तिवारी, कपिल सिब्बल, विवेक तन्खा जैसे प्रमुख वकील है जो प्रोफेशनल करियर में बड़े नाम हैं।

कांग्रेस के पास नामी वकीलों की पूरी फौज
इसमें भी कांग्रेस की आधिकारिक वेबसाइट पर अभिषेक मनु सिंघवी को पार्टी के लॉ, मानवाधिकार और आरटीआई विभाग का अध्यक्ष और सलमान खुर्शीद और विवेक तन्खा को वरिष्ठ पैनल में शामिल बताया गया है। फिर भी इतनी महत्वपूर्ण याचिका में एक दर्जन से ज्यादा गलतियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

खासबात ये भी है कि पार्टी के कानूनी मामलों को संभालने वाले अभिषेक मनु सिंघवी देश के वरिष्ठ वकीलों में गिने जाते हैं और उन्हें सुप्रीम कोर्ट में संवैधानिक-व्यावसायिक मामलों का लंबा अनुभव है। वहीं विवेक तन्खा मध्य प्रदेश के एडवोकेट जनरल और भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं।

याचिका में गलती पर बीजेपी ने कसा तंज
अब सुप्रीम कोर्ट में विपक्षी पार्टियों की संयुक्त याचिका में इतनी गलतियों पर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी ने भी तंज कसा है। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि जो दल अपनी अदालती फाइल ठीक से नहीं बना सकता है, वह ज्ञान बांट रहा है. उन्होंने आगे हमला बोलते हुए कहा कि अदालतों में तथ्यों और सबूतों की आवश्यकता होती है.
रिपोर्ट: कुणाल कौशल
























