कुशीनगर: नेपाल में आई भीषण तबाही के निशान अब भारत में भी दिखने लगे हैं। यूपी के कुशीनगर और महराजगंज जिले के गंडक नदी में नेपाल से बहकर भारतीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में इंसानों और जानवरों के शव आ रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य के लिए गंडक नदी के तटीय क्षेत्र में तैनात किए गए एसएसबी रेस्क्यू टीम ने गुरुवार की दोपहर बाद से नेपाल की तरफ से बहकर आए दो महिला सहित तीन लोगों के शव बरामद किए हैं।
नदियों में मिल रहे दर्जनों शव
तटीय इलाकों में निगरानी के दौरान तेजी से बह रहे इन शवों को एसएसबी जवानों द्वारा मोटर बोट के जरिए रेस्क्यू कर किनारे पर ले आया गया। बरामद शवों को एंबुलेंस के जरिए जिला मुख्यालय स्थित मर्चरी हाउस में भेजा गया जहां उनकी पहचान के प्रयास सहित अन्य आवश्यक कार्रवाई के साथ नेपाल के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
वहीं एसएसबी के इंस्पेक्टर अरुण पांडेय ने बताया कि अभी तक नेपाल से बहकर आए गंडक नदी में तीन लोगों को शव को रेस्क्यू किया जाए किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि और भी शव बरामद किए जा सकते हैं।
कुशीनगर में नेपाल से बहकर आए दर्जनों शव
गंडक के अलावा कुशीनगर की नारायणी नदी में भी दर्जनों शव बहता दिखाई देने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। महिला, पुरुष और बच्चों के शवों के साथ मृत जानवर, वाहन और घरों का सामान भी नदी में बहता नजर आया।
इसी बीच कुछ लोग नदी किनारे पहुंचे मलबे में आई लकड़ियों और अन्य कीमती सामान को निकालते भी नजर आए। वहीं मौके पर प्रशासनिक अमला शवों की पहचान कराने में जुटा है। खड्डा के विधायक विवेकानंद पांडेय ने भी मौके पर पहुंच कर स्थिति की जानकारी ली। नेपाल में आई इस त्रासदी में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 1500 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
नदी के जलस्तर की निगरानी
बता दें कि महराजगंज जिले के डीएम गौरव सिंह सोगरवाल और एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने भी सीमाई इलाके का निरीक्षण कर नदी के जलस्तर और बहाव पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भारतीय क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां को अलर्ट पर रखा गया है।
रिपोर्ट: राजकुमार गिरी


