श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) की शादी को लेकर बरेली के मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रिजवी ने नाराजगी जाहिर करते हुए इस पर फतवा जारी कर दिया है। उन्होंने इसे इस्लाम के खिलाफ बताया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन ने उमर अब्दुल्ला की निधि राजदान के साथ शादी को इस्लाम के मुताबिक नाजायज बताया है।
मौलाना ने जारी किया फतवा
उनका कहना है कि इस्लाम में शादी के लिए लड़का और लड़की दोनों का मुसलमान होना जरूरी है। मौलाना ने इस शादी को लेकर कहा, ‘इस्लाम में शादी के कुछ नियम हैं। इनमें सबसे जरूरी है कि शादी करने वाले लड़का और लड़की दोनों मुसलमान हों। अगर दोनों में से कोई एक गैर मुस्लिम है तो ऐसी शादी इस्लाम के मुताबिक जायज नहीं मानी जाती है।’
यह शादी नाजायज है: मौलाना
उन्होंने कहा शादी करने वाला महिला-पुरुष का इस्लाम का अनुयायी होना जरूरी है। उमर अब्दुल्ला को शादी से पहले निधि राजदान से इस्लाम कुबूल करवाना चाहिए था, कलमा पढ़वाना चाहिए था, फिर अगर वो शादी करते तो इसे जायज करार दिया जा सकता था।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने टीवी पत्रकार निधि राजदान से दो दिनों पहले ही निकाह (Omar Abdullah Marriage) किया है। उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर शादी कार्यक्रम की तस्वीरें शेयर करते हुए लोगों को इसकी जानकारी दी थी।
उमर अब्दुल्ला की ये दूसरी शादी
उमर अब्दुल्ला की ये दूसरी शादी है। पहली शादी 1 सितंबर 1994 को पायल नाथ से हुई थी। दोनों के दो बेटे हैं। उमर अब्दुल्ला की पहली शादी विदेश में हुई थी और इससे उन्हें दो बेटे हैं जिनके नाम जहीर अब्दुल्ला और जमीर अब्दुल्ला हैं।
रिपोर्ट: मणिभूषण

























