गोरखपुर की सड़कों पर अब डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसों का सफर और बढ़ने वाला है। परिवहन निगम की पहली डबल डेकर बस पहले से कसया रूट पर संचालित हो रही है। अब दो और डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें गोरखपुर पहुंच चुकी हैं। इनमें से एक बस को महाराजगंज रूट पर चलाने की तैयारी है, जबकि दूसरी बस के लिए रूट का चयन किया जा रहा है। अयोध्या तक भी बस चलाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इसके लिए अभी रूट टेस्टिंग बाकी है। गोरखपुर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। शहर में डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा बढ़ाया जा रहा है। परिवहन निगम की पहली डबल डेकर बस को पहले कसया रोड पर ट्रायल के तौर पर चलाया गया था और अब यह रूट पर संचालित हो रही है। इसी के बाद परिवहन निगम ने दो और डबल डेकर बसों की मांग की थी, जो अब गोरखपुर को मिल चुकी हैं।
परिवहन निगम के मुताबिक नई बसों में से एक को महाराजगंज रूट पर चलाने की तैयारी है। वहीं दूसरी बस के लिए ऐसा रूट तलाशा जा रहा है, जहां इसकी करीब 150 किलोमीटर की चार्जिंग क्षमता के हिसाब से संचालन संभव हो सके। अयोध्या रूट पर भी डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस चलाने की संभावना है, लेकिन इसके लिए अभी रूट की टेस्टिंग की जानी बाकी है। डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस की खासियत इसकी क्षमता और सुविधाएं हैं। बस में ऊपर और नीचे दोनों डेक मिलाकर कुल 66 सीटें हैं, जिनमें 65 यात्रियों के लिए सीटिंग उपलब्ध है। बस का डिजाइन 2 प्लस 2 सीटिंग स्ट्रक्चर पर आधारित है। सबसे खास बात यह है कि यात्रियों को साधारण बस की तुलना में डबल डेकर बस में अलग तरह का सफर अनुभव मिलता है। ऊपर के डेक से सफर करने वाले यात्रियों को चारों तरफ का बेहतर व्यू भी मिलता है।
किराये की बात करें तो परिवहन निगम के मुताबिक डबल डेकर बस का किराया साधारण बस की तुलना में करीब 6 प्रतिशत अधिक रखा गया है। यानी यात्रियों को अतिरिक्त सुविधाओं के लिए बहुत ज्यादा अतिरिक्त किराया नहीं देना होगा। बस में ऊपर और नीचे दोनों हिस्सों को ठंडा रखने के लिए कूलिंग सिस्टम लगाया गया है। यात्रियों के अनुभव को लेकर परिवहन निगम का कहना है कि अब तक इस बस में सफर करने वाले यात्रियों की प्रतिक्रिया अच्छी रही है। सुरक्षा के लिहाज से भी बस में कई इंतजाम किए गए हैं। बस के अंदर और बाहर कैमरे लगाए गए हैं। इसकी अधिकतम गति सीमा 65 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। क्योंकि यह पूरी तरह इलेक्ट्रिक बस है, इसलिए बैटरी की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सिस्टम लगाया गया है। अगर बैटरी का तापमान बढ़ता है तो डिटेक्शन सिस्टम एक्टिव होकर बैटरी को ठंडा करने के लिए पानी के जेट को ऑटोमैटिक तरीके से सक्रिय कर सकता है।
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गोरखपुर में डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसों की संख्या अब तीन हो गई है। पहली बस कसया रूट पर दौड़ रही है, जबकि नई बसों में एक को महाराजगंज भेजने की तैयारी है और दूसरी के लिए रूट तय किया जा रहा है। अगर टेस्टिंग सफल रही तो आने वाले समय में गोरखपुर से अयोध्या तक भी डबल डेकर इलेक्ट्रिक बस का सफर देखने को मिल सकता है। यानी आने वाले दिनों में गोरखपुर के यात्रियों को डबल डेकर बस में सफर के साथ इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का नया अनुभव मिलने वाला है।


