नई दिल्ली: एक तरह जहां निर्वाचन आयोग (Election Commission) और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विपक्ष दलों के कार्यकर्ता लगातार सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में स्पेशल ड्राइव शुरू कर दी है।
यूपी में आज से विशेष वोटर कैंप की शुरूआत की गई है जिसे चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के असर के तौर पर देखा जा रहा है। राज्य के सभी बूथों पर यह अभियान चलाया जा रहा है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए यह विशेष कैंप सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। वहीं 24 अक्टूबर तक प्रदेश भर में इस अभियान को चलाकर पहली बार वोटर बनने वालों के भी जोड़े
जाएंगे।
दिल्ली में भी स्पेशल ड्राइव
बता दें कि सिर्फ यूपी में नहीं बल्कि दिल्ली में भी इसकी शुरुआत की जाएगी। राजधानी दिल्ली में कोई भी योग्य मतदाता छूट ना जाए इसके लिए 18 अक्तूबर से 25 अक्तूबर के बीच स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे और लोगों की मदद के लिए बीएलओ मौजूद होंगे। इसके लिए दिल्ली में 13 जिला निर्वाचन अधिकारी, 70 निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों की तैनाती की गई है।
इसके अलावा जिन लोगों को फॉर्म-6 भरने में दिक्कत होगी उनकी सहायता के लिए 1950 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। बता दें कि SIR को लेकर विपक्षी दलों के गंभीर आरोपों पर चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट और नाम जोड़ने या हटाने के मामले में 7 नए फैसले लिए हैं
चुनाव आयोग ने किए सात बदलाव
1. देश के मान्यता प्राप्त दलों को ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्ट की दोनों चरणों में हार्ड कॉपी के साथ-साथ पीडीएफ (डिजिटल) फाइल भी दी जाएगी जिसे कंप्यूटर पर आसानी से देखा जा सकेगा। डिजिटल कॉपी में वोटरों की तस्वीर नहीं होगी।
2. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में जोड़ गए, हटाए गए, संशोधित किए गए नामों की सप्लीमेंट्री लिस्ट भी राजनीतिक पार्टियों को दी जाएंगी ताकि उन्हें पता चल सके कि किस-किस वोटर का नाम किस वजह से हटाया गया है।
3.फर्जी फॉर्म भरकर किसी खास वर्ग के लोगों का नाम वोटर लिस्ट से कटवाए जाने के आरोपों के बाद अब चुनाव आयोग ने फॉर्म 7 जमा करने की अधिकतम सीमा भी तय कर दी गई है।
4. अब कोई भी वोटर दावे और आपत्तियों के लिए कुल 10 बार ही फॉर्म 7 दे सकता है। किसी भी गड़बड़ी पर बीएलओ घर जाकर घुद इसका सत्यापन करेंगे।
5. किसी शख्स या वोटर को अब वोटर आई कार्ड में सुधार करवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। इसके लिए चुनाव आयोग अपनी वेबसाइट पर सॉफ्यवेयर में सुधार कर इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स को यह विकल्प देगा कि वो फ्लैग्ड वोटरों को बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज के वैध घोषित कर सके।
6. चुनाव आयोग पर वोटरों के डिजिटल मैनेजमेंट और बैकएंड डेटा से छेड़छाड़ के आरोप भी राजनीतिक पार्टियों ने लगाए थे जिसके बाद अब इसके लिए एक स्वतंत्र आईआईटी एक्सपर्ट कमेटी आयोग के डिजिटल पोर्टल मैनेजमेंट और सुरक्षा तकनीकों की जांच करेगी।
7. एक जनवरी 2027 तक देश में जिनकी भी उम्र 18 वर्ष पूरी होगी उनके नाम को वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए स्पेशल रजिस्ट्रेशन प्रोग्राम का आयोजन होगा जिससे अगले साल जितने भी राज्यों में विधानसभा चुनाव है उसमें कोई भी योग्य वोटर ना छूटे और नया वोटर लिस्ट समय से जारी किया जा सके।
रिपोर्ट: कुणाल कौशल
























