नई दिल्ली: देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) को लेकर हुए विवाद के बीच दिल्ली में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ( चुनाव आयोग) की अहम बैठक हुई। इस मीटिंग में CEC के अलावा दोनों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद थे. चुनाव आयोग की तरफ से इस मीटिंग की तस्वीर और प्रेस नोट भी जारी की गई है।
चुनाव आयोग के जारी किए गए प्रेस नोट के मुताबिक शनिवार दोपहर तीन बजे राजधानी दिल्ली के निर्वाचन सदन में तीन चुनाव आयुक्तों की बैठक हुई। इस मीटिंग में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग ने प्रक्रिया को और आसान बनाने का फैसला किया है।
चुनाव आयोग की बैठक में कई अहम फैसले
जिन वोटरों को अनमैप्ड या जानकारी में तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किया गया है, अब उनके घर जाकर BLO यानी बूथ लेवल अधिकारी दस्तावेज जुटाएंगे। BLO इन दस्तावेजों को ECINET पोर्टल पर अपलोड करेंगे, जिसके आधार पर ERO यानी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी फैसला लेंगे। चुनाव आयोग के मुताबिक, ऐसे मतदाताओं को सामान्य स्थिति में ERO कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाने की जरूरत नहीं होगी। केवल विशेष परिस्थितियों में ही सुनवाई होगी और कोशिश रहेगी कि यह प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाए।
दिल्ली-महाराष्ट्र में बढ़ाई गई समय सीमा
अगर जरूरत पड़ी तो मतदाता अपनी जगह सुनवाई में शामिल होने के लिए परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अधिकृत कर सकेंगे। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मजदूरों, गरीबों और बेघर लोगों की मदद के लिए विशेष कैंप और हेल्प डेस्क बनाए जाएं।
वहीं, SIR प्रक्रिया के लिए फॉर्म-6 से जुड़ी घोषणा को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। गैर-SIR अवधि में मतदाता पंजीकरण के लिए निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960 के तहत तय फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026 तक कर दी गई है जबकि महाराष्ट्र में समय सीमा को 12 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है.
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की तैयारी में विपक्ष
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये मीटिंग ऐसे वक्त में हुई जब अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विकेश जोशी ने बीते 10 महीने में 14 बार चुनाव आयोग के फैसलों और आदेशों पर आपत्तियां जताई थी। इसके बाद ज्ञानेश कुमार अकेले फैसले लेने के आरोप भी लगाए गए थे जिसके बाद विपक्ष अब चुनाव आयोग पर हमलावर है। सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी कर रही है।
रिपोर्ट : कुणाल कौशल


























