नेपाल पहले से ही भीषण बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है और इसी बीच एक और डरावनी खबर ने लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। तिब्बत की ओर स्थित पानी का एक बांध एक बार फिर टूट गया है। इस घटना ने नदी किनारे बसे निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों की जान पर खतरा मंडरा दिया है। जो लोग पहले से बाढ़ की मार झेल चुके हैं और अपने घर, अपने परिवार को बचाने की जद्दोजहद में लगे थे, उनके लिए यह खबर किसी नए दुःस्वप्न से कम नहीं है।
बांध टूटने की सूचना मिलते ही नेपाल पुलिस हरकत में आ गई और तुरंत आपातकालीन अलर्ट जारी कर दिया। पुलिस ने बचाव और राहत कार्यों में जुटे सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ आम जनता से भी पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है। इतना ही नहीं, प्रशासन ने रेस्क्यू में जुटी टीमों को भी तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर जाने का निर्देश दिया है, जिसके चलते कई जगहों पर खोज और बचाव अभियान को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा है। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी इस खतरे की जानकारी दें, ताकि कोई भी अनजाने में मुश्किल में न पड़े।
नेपाली स्थित रसुवा जिले के मुख्य जिला अधिकारी नरेंद्र परियार ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि झील टूटने की यह जानकारी सीधे चीनी अधिकारियों की ओर से मिली है। सीडीओ परियार ने कहा कि हमें चीनी पक्ष से सूचना मिली है कि बांध वाली झील टूट गई है और नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नदी किनारे रहने वाले सभी निवासियों को पहले ही सुरक्षित रहने के लिए सर्कुलर जारी किया जा चुका है।
स्थानीय लोगों में इस खबर के बाद खौफ का माहौल है। कई लोग अपना सामान छोड़कर तुरंत ऊंचे स्थानों की ओर भागते नजर आए। यह इलाका पहले ही भीषण बाढ़ में सैकड़ों लोगों की जान गंवा चुका है और सैकड़ों अब भी लापता हैं, ऐसे में एक और झील टूटने की खबर ने वहां रह रहे परिवारों को गहरे सदमे और डर में डाल दिया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील कर रहा है कि किसी भी हाल में जोखिम न लें और तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर चले जाएं।

