India-Iran भारत सरकार ने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अपने आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल की घोषणा कर दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को पुष्टि की कि विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन 3 जुलाई को ईरान के लिए रवाना होंगे। दोनों नेता अंतिम संस्कार समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। India-Iran
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा India-Iran के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण एवं रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है। भारत ने अयातुल्ला खामेनेई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे ईरान के लिए एक ऐतिहासिक क्षति बताया है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल अंतिम संस्कार के दौरान ईरानी नेतृत्व और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात कर सकता है।अयातुल्ला अली खामेनेई दशकों तक ईरान के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता रहे। उनके नेतृत्व में ईरान ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों का सामना किया। उनके निधन के बाद देशभर में शोक का माहौल है और दुनिया के अनेक देशों के प्रतिनिधि अंतिम विदाई देने के लिए तेहरान पहुंच रहे हैं। India-Iran
भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा की मौजूदगी कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जबकि बिहार के राज्यपाल एवं पूर्व सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन की भागीदारी भी भारत की ओर से सम्मान और संवेदना का संदेश मानी जा रही है। India-Iran
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल अंतिम संस्कार में शामिल होना ही नहीं, बल्कि India-Iran के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने का भी संकेत देना है। ऊर्जा, व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और कनेक्टिविटी जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। India-Iran
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत ईरान की जनता के साथ इस कठिन समय में पूरी संवेदना के साथ खड़ा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ भारत सरकार और देशवासियों की ओर से शोक संदेश भी ईरानी नेतृत्व को सौंपेगा। India-Iran
इस उच्चस्तरीय यात्रा पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर रहेगी, क्योंकि अयातुल्ला खामेनेई के निधन के बाद पश्चिम एशिया की राजनीतिक परिस्थितियों और क्षेत्रीय समीकरणों में संभावित बदलावों को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। India-Iran
Author- मानवी शर्मा


