US-IRAN: शांति समझौते के बाद शुरू हुई परमाणु वार्ता, स्विट्जरलैंड में पहली बैठक आज
अंतरराष्ट्रीय डेस्क, पश्चिम एशिया में 110 दिनों तक चले तनाव और संघर्ष के बाद US-IRAN के बीच हुए शांति समझौते के बाद अब दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत शुरू हो गई है। इसी कड़ी में व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ स्विट्जरलैंड पहुंच रहे हैं, जहां दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक वार्ता होने की उम्मीद है।
समझौते के तहत संघर्ष समाप्त करने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर सहमति बनी थी। अब दोनों देशों के पास व्यापक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 60 दिनों का समय है।
जारेड कुशनर पहले से मौजूद, अरागची भी पहुंचेंगे
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और विशेष दूत जारेड कुशनर पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची भी वार्ता में शामिल होने के लिए जल्द रवाना हो सकते हैं।सूत्रों के मुताबिक, कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल-थानी भी स्विट्ज़रलैंड पहुंच चुके हैं। हाल के महीनों में कतर ने US-IRAN के बीच मध्यस्थ की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इजरायल-हिजबुल्लाह के बीच फिर लागू हुआ युद्धविराम
इस बीच लेबनान सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए इजरायल और हिजबुल्लाह ने एक बार फिर युद्धविराम पर सहमति जताई है। दोनों पक्षों के बीच हालिया झड़पों ने अमेरिका-ईरान वार्ता को प्रभावित करने की आशंका पैदा कर दी थी।ईरान लगातार यह मांग करता रहा है कि किसी भी शांति समझौते में लेबनान को शामिल किया जाए और क्षेत्र में सभी मोर्चों पर संघर्ष रोका जाए। हालांकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले इस मांग को खारिज किया था। इसके बावजूद दोनों पक्ष तत्काल युद्धविराम पर सहमत हुए हैं।
युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में हमले
हालांकि युद्धविराम लागू होने के बाद भी दक्षिणी लेबनान में हिंसा पूरी तरह नहीं थमी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायली हवाई और ड्रोन हमलों में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी एनएनए के मुताबिक, नबातियेह क्षेत्र में रातभर कई हवाई हमले किए गए, जिनमें कई रिहायशी इमारतें और मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रतिबंध हटे तो ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को होगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि US-IRAN के बीच व्यापक समझौता हो जाता है और आर्थिक प्रतिबंधों में राहत मिलती है, तो ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) सबसे बड़े लाभार्थियों में शामिल हो सकती है।
तेल, निर्माण, शिपिंग, दूरसंचार और बंदरगाहों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत व्यावसायिक पकड़ रखने वाली IRGC को प्रतिबंध हटने के बाद विदेशी निवेश, तेल निर्यात और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का सीधा लाभ मिल सकता है।
पश्चिम एशिया में स्थिरता की नई उम्मीद
विश्लेषकों का कहना है कि US-IRAN के बिच शुरू हुई यह वार्ता न केवल दोनों देशों के रिश्तों में सुधार ला सकती है, बल्कि पुरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिरता और शांति कि नई संभावनाएं भी पैदा कर सकती है। हालांकि अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को कई जटिल राजनीती और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर सहमति बनानी होगी।
पश्चिम एशिया में स्थिरता की नई उम्मीद
विश्लेषकों का कहना है कि US-IRAN के बिच शुरू हुई यह वार्ता न केवल दोनों देशों के रिश्तों में सुधार ला सकती है, बल्कि पुरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थिरता और शांति कि नई संभावनाएं भी पैदा कर सकती है। हालांकि अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को कई जटिल राजनीती और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर सहमति बनानी होगी।हालांकि अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों को कई जटिल राजनीती और सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर सहमति बनानी होगी।

