ग्लास्गो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा इस बार गोल्ड जीतने से चूक गए, लेकिन उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं भारत के एक और युवा एथलीट यशवीर सिंह ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। हालांकि तीसरे भारतीय खिलाड़ी रोहित यादव इस बार पोडियम तक नहीं पहुंच सके।

स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में खेले गए पुरुषों के जैवलिन थ्रो फाइनल में दर्शकों को आखिरी प्रयास तक रोमांच देखने को मिला। हर थ्रो के साथ मुकाबला और भी दिलचस्प होता गया। भारत की नजरें नीरज चोपड़ा पर टिकी थीं, जिन्होंने ओलंपिक और विश्व स्तर पर देश को कई बड़े मेडल दिलाए हैं। लेकिन इस बार गोल्ड श्रीलंका के एथलीट के नाम रहा।
नीरज ने पूरी ताकत लगाई, लेकिन गोल्ड से रह गए थोड़ा दूर
फाइनल मुकाबले में नीरज चोपड़ा ने शुरुआत से ही शानदार लय दिखाई। उनके शुरुआती थ्रो ने उन्हें मेडल की रेस में बनाए रखा। हर कोशिश में उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और दर्शकों ने भी उनका जोरदार उत्साह बढ़ाया। आखिरी राउंड तक उम्मीद थी कि नीरज गोल्ड अपने नाम कर लेंगे, लेकिन श्रीलंका के खिलाड़ी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सबसे लंबी दूरी तक भाला फेंका और पहला स्थान हासिल कर लिया। नीरज को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। हालांकि गोल्ड नहीं मिला, लेकिन नीरज का यह प्रदर्शन एक बार फिर साबित करता है कि वह दुनिया के सबसे भरोसेमंद जैवलिन थ्रो खिलाड़ियों में शामिल हैं।

यशवीर सिंह ने किया बड़ा कमाल
भारत के युवा एथलीट यशवीर सिंह ने भी इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने लगातार अच्छे थ्रो किए और आखिर में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत की झोली में एक और पदक डाल दिया। यशवीर की सफलता इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि बड़े मंच पर उन्होंने दबाव के बीच खुद को साबित किया। उनके इस प्रदर्शन से साफ है कि भारतीय एथलेटिक्स में नई पीढ़ी तेजी से आगे बढ़ रही है।

रोहित यादव की कोशिश रही अधूरी
भारतीय खिलाड़ी रोहित यादव ने भी मुकाबले में पूरी मेहनत की, लेकिन वह अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक नहीं पहुंच सके। कुछ थ्रो उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे और इसी वजह से वह मेडल की दौड़ से बाहर हो गए। हालांकि रोहित ने अंत तक हार नहीं मानी और हर प्रयास में वापसी की कोशिश की, लेकिन इस बार किस्मत उनका साथ नहीं दे सकी।

भारत के लिए रहा यादगार दिन
जैवलिन थ्रो के फाइनल में तीन भारतीय खिलाड़ियों का उतरना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी। इनमें से दो खिलाड़ियों का पोडियम पर पहुंचना भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद खुशी की बात है। नीरज चोपड़ा का अनुभव और यशवीर सिंह का जोश, दोनों ने मिलकर भारत का तिरंगा ऊंचा किया। इससे यह भी साफ हो गया कि आने वाले वर्षों में भारत जैवलिन थ्रो में दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक बनने की ओर बढ़ रहा है।

फैंस ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
मुकाबला खत्म होने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह को जमकर बधाई दी। कई लोगों ने लिखा कि हर बार गोल्ड जीतना जरूरी नहीं होता, देश के लिए मेडल जीतना ही सबसे बड़ी बात है। वहीं यशवीर सिंह की तारीफ करते हुए लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने प्रदर्शन से आने वाले समय के लिए बड़ी उम्मीदें जगा दी हैं।

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अब अगली चुनौती पर नजर
कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय खिलाड़ियों की नजर अब आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर होगी। नीरज चोपड़ा एक बार फिर खुद को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे, जबकि यशवीर सिंह और रोहित यादव भी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी में जुटेंगे।

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ग्लास्गो से भारत के लिए आई यह दोहरी खुशी बताती है कि भारतीय एथलेटिक्स लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भले ही इस बार गोल्ड श्रीलंका के खाते में गया हो, लेकिन सिल्वर और ब्रॉन्ज जीतकर भारतीय खिलाड़ियों ने करोड़ों देशवासियों को गर्व महसूस करने का मौका जरूर दिया।


